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वैष्णो देवी मंदिर के बाहर ऐसा नजारा, एक FB पोस्ट से सामने आई हकीकत

शिवम राय ने फेसबुक पर फोटो और वीडियो शेयर किए, जिसे काफी शेयर किया जा रहा है।

DainikBhaskar.com | Last Modified - Feb 08, 2018, 10:58 AM IST

    • जम्मू.कटरा स्थित माता वैष्णों के दर्शन के लिए हर साल यहां लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं। कटरा से माता के मंदिर तक पहुंचने के लिए पहाड़ों पर बने टेढ़े-मेढ़े रास्तों से होकर सफर तय करना पड़ता है। ज्यादातर लोग पैदल ही इस सफर को तय करते हैं। लेकिन पैदल यात्रा करने में असमर्थ बच्चे, बुजुर्ग, बीमार और खास तौर पर दिव्यांग लोग खच्चर, पिट्ठू या हेलिकॉप्टर के सहारे मंदिर तक पहुंचते हैं। लेकिन, इनमें खच्चरों की भूमिका काफी खास होती है, क्योंकि ये बेजुबान जानवर ज्यादा से ज्यादा वजन उठाकर इस मुश्किल रास्ते पर चलते हैं। फेसबुक पर शेयर किया फोटो और वीडियो...

      बता दें कि यहां के खच्चरों को लेकर फेसबुक पर कई वीडियो और फोटो वायरल हो रहे हैं, जिनमें खच्चरों पर हो रहे अत्याचार को दिखाया गया है। ये फोटो और वीडियो कुरुक्षेत्र के रहने वाले शिवम राय ने पोस्ट किए हैं।

      इस पोस्ट में शिवम ने लिखा है कि- "हाल ही में मैं अपनी वाइफ के साथ मां वैष्णों देवी और श्री शिव खोड़ी के दर्शन के लिए गया था। मुझे मानवता पर काफी विश्वास था, लेकिन इस यात्रा के बाद मेरा मानवता से विश्वास उठ गया।

      आगे उन्होंने लिखा- "मैंने देखा कि बेजुबान खच्चर और घोड़े अपने ऊपर लगभग 90-100 किलो का भार उठाए 24 किमी की चढ़ाई कर रहे हैं। ये उनके स्वभाव के विरुद्ध है, क्योंकि ये जानवर समतल जगहों पर चलने और दौड़ने के लिए बने हैं और वो भी बिना कोई भार उठाए।"

      आगे की स्लाइड्स में जानें शिवम ने कटरा में खच्चरों पर हो रहे अत्याचारों के बारें में और क्या जानकारी दी....

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      'खच्चरों को पीटा जाता है'

      उन्होंने लिखा है कि "पूरे रास्ते मैं अपनी पत्नी को खच्चरों पर हो रहे अत्याचार के बारे में बताता रहा।"

      - "खच्चर वाले लगातार खच्चरों को पीट रहे थे और उन्हें सवारी बैठाने के लिए जबरदस्ती तैयार कर रहे थे।"

      - "एक खच्चर को उसका मालिक पूंछ खींचकर प्रताड़ित कर रहा था कि उसका खच्चर उसकी बात माने। लगातार कई राउंड भारी वजन उठाने की वजह से ज्यादातर खच्चरों की हालत काफी नाजुक हो चुकी है।"

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      'श्राइन बोर्ड से नहीं आई मदद'

      - "मुझे सबसे ज्यादा दुख तब हुआ जब मैंने देखा कि एक लड़का अपने खच्चर को जबरदस्ती उठा रहा है, लेकिन खच्चर का एक पैर टूटा हुआ था। जब मुझसे सहन नहीं हुआ तो मैं उस लड़के पर भड़क गया। तब वो लड़का खच्चर को उसी हाल में छोड़कर आगे बढ़ गया।"

      - "इसके बाद मैंने श्री माता वैष्णों देवी श्राइन बोर्ड के इमरजेंसी नंबर पर घायल खच्चर के लिए मदद मांगी। तीसरी बार में उन लोगों ने फोन उठाया, लेकिन वो लोग भी को-ऑपरेटिव नहीं थे।"

      - "जब 2.30 घंटे तक कोई मदद नहीं आई तो मैं एक गार्ड के साथ नीचे जाकर जानवरों के डॉक्टर और बोर्ड के ऑफिसर्स से मिलने का फैसला किया।"

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      शिवम राय

      'गैरकानूनी ढंग से हो रहा खच्चरों का इस्तेमाल'

      - "मैं जब नीचे आ रहा था तब रास्ते में मुझे उस गार्ड ने कुछ ऐसे तथ्यों से अवगत कराया, जिस जानकर मैं हैरान रह गया। उसने बताया 3 हजार खच्चर रजिस्टर्ड हैं, लेकिन गैरकानूनी तरह से यहां 10-12 हजार खच्चरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।"

      - "उसने बताया कि यहां इतने खच्चरों की देख-रेख के लिए एक भी जानवरों का डॉक्टर नहीं है। इतना ही नहीं जब किसी खच्चर को गंभीर चोट लगती है तो इलाज के अभाव में उनकी मौत हो जाती है।"

      - पोस्ट के अंत में शिवम राय ने लोगों से अपील करते हुए लिखा है कि- "कृपया इस मैसेज को देखने के बाद आप इन खच्चरों पर ना बैठे और जानवरों पर होने वाले ऐसे उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाएं"

      SDM ने जांच के लिए लिखा लेटर

      - वहीं, कटरा डिवीजन की एसडीएम नीलम खजूरिया ने DainikBhaskar.com से बातचीत में बताया कि- "मुझे भी इस मामले की जानकारी एक फेसबुक लिंक के जरिए ही मिली है। मैंने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड को मामले की जांच के लिए लेटर लिखा है।"

      - यहां, गैरकानूनी तरिके से खच्चरों के इस्तेमाल पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा- "कटरा से वैष्णो देवी मंदिर तक जाने वाले ट्रैक पर कई स्थानीय गांवों के रास्ते मिलते हैं। कई बार इन रास्तों से अनरजिस्टर्ड खच्चरों को इस्तेमाल के लिए लाया जाता है, लेकिन मैंने श्राइन बोर्ड को इस पर सख्ती बरतने के लिए कहा है।"

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