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परामर्श /गर्भावस्था में सिरदर्द का उपचार कैसे करें

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 07:38 PM IST


How to deal with headaches during pregnancy
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How to deal with headaches during pregnancy

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 07:38 PM IST

सामान्य रूप से गर्भावस्था वह समय होता है जब एक महिला एक अनजानी खुशी को प्राप्त करने के लिए उत्साह, आशंका और घबराहट के मिले-जुले अनुभवों से गुजरती है। कभी-कभी यही अनुभव तीसरी तिमाही में सिरदर्द का रूप लेकर एक परेशानी के रूप में सामने आते है। ऐसे में हम आपकी सहायता के लिए बताते हैं कि इस अवस्था में सिरदर्द की परेशानी का उपचार कैसे किया जा सकता है।

  • जानिए : गर्भावस्था में सिर दर्द का उपचार कैसे करें

    जानिए : गर्भावस्था में सिर दर्द का उपचार कैसे करें
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    गर्भावस्था में किसी भी प्रकार की परेशानी को अनदेखा न करके तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना ही उचित रहता है। लेकिन फिर भी अगर तुरंत डॉक्टर के पास जाना संभव न हों तब आप सिर में दर्द होने पर निम्न उपायों को अपना कर आराम पाने का प्रयत्न कर सकतीं हैं:

    • सिर दर्द की वजह जान कर उसे दूर करें: सबसे पहले यह जानने की कोशिश करें कि सिरदर्द किस कारण से हो रहा है। हो सकता है कि वातावरण का शोर, या कोई विशेष गंध आपके सिर दर्द की वजह हो। अगर ऐसा है तो आप उस जगह से हट कर ऐसी जगह चली जाएँ जहां शोर या वह गंध न हो। एक बार सिर दर्द में आराम आने के बाद कोशिश करें कि दोबारा यह स्थिति उत्पन्न न हो।

     

    साइनस
    • साइनस के लिए भाप लें: अगर नाक की किसी परेशानीजैसे बंद नाक , जुकाम या साइनस की वजह से सिर दर्द हो रहा है तो गरम पानी की भाप लेकर इसका इलाज किया जा सकता है। इस पानी में अगर संभव हो तो नीलगिरी या पिपरमिंट तेल की एक-दो बूंद डाल लें।  इसके साथ ही अगर आप सिर पर पट्टी बांध लेंगी तो उससे भी आराम आ जाएगा।

     

    मालिश
    • मालिश से आराम: पुराने जमाने में सिर दर्द होने पर सिरकी मालिश करवाने का प्रचलन था। आप भी यही उपाय अपना सकतीं हैं। अगर आपके लिए संभव हो तो पार्लर जाकर हेयर स्पा या गुनगुने तेल की मालिश भी आपके सिर दर्द को दूर कर सकती है।

     

    खाना
    • थोड़ा-थोड़ा खाएं: गर्भावस्था में कभी-कभी रक्त में शुगरका लेवल कम होने पर भी सिर दर्द हो सकता है। अगर आपको ऐसा लगता है तो थोड़ी-थोड़ी देर में कुछ न कुछ खाती रहें। इससे शुगर लेवल एक समान रहेगा।

     

    योगा
    • एक्टिव रहें: अगर आपको माइग्रेन की शिकायत रहती हैतब खुली हवा में थोड़ी देर टहलना आपके न केवल सिर दर्द में आराम पहुंचाएगा बल्कि शरीर में भी ऊर्जा का संचार करेगा।

     

    आई टेस्ट
    • आँखों का चेकअप: कई बार गर्भावस्था के कारण आँखोंके नंबर में भी अंतर आ जाता है,इसलिए अगर आप चश्मा लगातीं है तो आँखों का चेकअप करवा लें।

     

    पानी
    • ठंडे पानी का प्रयोग: कुछ गर्भवती महिलाओं को गर्मी केकारण भी सिर दर्द होता है। ऐसे में अगर संभव है तो ठंडे पानी से नहा लें। अगर यह संभव न हो तो अगर कर सकें तो ठंडे पानी से मुंह धो लें। लेकिन सर्दी के मौसम में इस उपाय को न अपनाएँ।

     

    अगर गर्भवती महिला के सिर दर्द के साथ निम्न लक्षण भी हों तब बिना देर किए तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें :

    1. लगातार होने वाला तेज़ सिर दर्द
    2. दृष्टि भ्रम जैसे धुंधला दिखना या रोशनी से परेशानी
    3. छाती में पसलियों के नीचे दर्द होना
    4. उल्टी होना
    5. अचानक चेहरे, हाथ, पैर या एड़ियों में सूजन आना

     

    इनमें से अगर कोई भी लक्षण सिर दर्द के साथ है तो यह प्री-एक्लेमप्सिया होने का संकेत हो सकता है। इस तकलीफ में गर्भनाल में रक्त का प्रवाह ठीक काम नहीं करता है। इसलिए तुरत्न डॉक्टर से संपर्क करके इसका इलाज करवाएँ।


    वैसे सामान्य रूप से गर्भवती महिला को समुचित आराम, अधिक से अधिक पानी पीकर शरीर में पानी की कमी न होने देना और पूरी अच्छी नींद लेने की सलाह दी जाती है।

     

    Content by jananam

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