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जानकारी /गर्भावस्था में पानी की थैली फटने का समय आपको कैसे पता लगेगा

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 07:42 PM IST
अधिकांश गर्भवती महिलाओं को पता रहता है कि गर्भ के पानी की थैली का फूटना मतलब डिलीवरी का समय नजदीक है। हालांकि इनमें से बहुत कम महिलाएं गर्भ के पानी और पेशाब के बीच अंतर कर सकती हैं। कुछ संकेत हैं जो जानने में आपकी मदद कर सकते हैं कि आपके गर्भ का पानी कब टूटता है।

How will you know when your water breaks?
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How will you know when your water breaks?

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2019, 07:42 PM IST

गर्भवती ने गर्भकाल के अनेक पल उस समय के इंतज़ार में बिताए हैं जब एक नन्ही मूरत उसके हाथों में मुस्कुराएगी। गर्भावस्था की तीसरी तिमाही के साथ ही अब वह समय नज़दीक आ गया है। अगर घर में कोई बुजुर्ग न हो और गर्भवती की पहली गर्भावस्था हो, तब वह प्रसव से पहले होने वाले अनेक लक्षणों और परेशानियों को पहचान नहीं पाती है। प्रसव से पहले पानी की थैली फटना ऐसा ही एक लक्षण है जिसके बारे में पहली बार होने वाली गर्भवती को पता नहीं होता है। हम आपकी मदद करने के लिए इस संबंध में पूरी जानकारी देने का प्रयास करते हैं।

  • जानिए, पानी की थैली के फटने का कैसे पता लगे

    जानिए, पानी की थैली के फटने का कैसे पता लगे
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    गर्भ के नौ महीने शिशु जिस तरल पदार्थ में रहता है उसे तकनीकी भाषा में एमनियोटिक द्रव्य या सरल भाषा में पानी की थैली कहा जाता है। अगर सब कुछ सामान्य रहता है तब नियत समय पर प्रसव प्रक्रिया के प्रारंभिक लक्षण देखे जा सकते हैं । इन लक्षणों में एक लक्षण है पानी की थैली का फट जाना। यह दृव्य शिशु को हर संभावित खतरो से बचाती है। इसके फट जाने पर यह द्रव्य गर्भाशय की ग्रीवा (Cervix) से बाहर आने लगता है। लेकिन कुछ महिलाएं इस पानी में और मूत्र में अंतर नहीं कर पातीं है। इसलिए अगर आपको निम्न लक्षण दिखाई दें तो समझिए कि आपके गर्भ की पानी की थैली फट गई है:

    • म्यूकस का बाहर आना: गर्भाशय की ग्रीवा, रक्त से बनी एक झिल्ली से बंद होती है। यह झिल्ली जो श्लेष्म के रूप में होती है, पानी की थैली फटने से पूर्व बाहर आ जाती है। इस म्यूकस का बाहर आने का अर्थ है कि गर्भ के पानी कि थैली के अब फटने का समय हो गया है। कभी-कभी यह दोनों काम (झिल्ली का फटना और पानी का बाहर आना) एक साथ तो कभी अलग-अलग समय पर होते हैं। कुछ स्थितियों में म्यूकस के बाहर आने के कुछ समय बाद या एक-दो दिन बाद पानी आने लगे या फिर कुछ महिलाओं के गर्भ से पानी नहीं भी आ सकता है। स्थिति कुछ भी हो, म्यूकस का बाहर आना, थैली के फटने का सूचक माना ही जाता है।

     

    टाइलेट
    • बार-बार टॉइलेट जाना : जब पानी कि थैली फट जाती हैतब महिला को बार-बार मूत्र त्याग की इच्छा होती है। ऐसा प्रायः इस लिए होता है क्यूंकी पानी की थैली फटने से मूत्राशय पर दबाव बढ़ जाता है। इसके बाद टांगों के बीच से गरम पानी जैसा रिसने लगता है।

     

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    • मूत्र का भ्रम होना: गर्भावस्था की तीसरी तिमाही केकाफी बीत जाने पर जब थोड़े से भी खाँसने, छींकने या हंसने से मूत्र प्रवाह का भ्रम हो तब मान लीजिये कि गर्भ के पानी कि थैली फट गई है। हालांकि मूत्र और गर्भ के पानी में गंध का अंतर होता है। एमनियोटिक द्रव्य का रंग सामान्य रूप से हल्का पीलापन लिए गंधरहित होता है। इसलिए अगर आपके रिसाव में गंध नहीं है तब यह गर्भ का पानी है।
    • स्वयं चैक करें: जब आपको लगे कि आपके गर्भ का पानी छूट रहा है तो एक साफ अंडरवियर पहन कर उसमें सेनेटरी पैड या पैंटी लाइनर लगा लें। थोड़ी देर बाद आप चैक कर सकतीं हैं। आपके नैपकिन या लाइनर में लगे द्रव्य के रंग और गंध से पानी और मूत्र का अंतर स्पष्ट हो जाएगा।
    • योनि स्त्राव: सामान्य रूप से गर्भावस्था में योनि स्त्राव एक आम बात होती है। लेकिन अगर तीसरी तिमाही के अंत में यह स्त्राव अधिक मात्रा में हो रहा है और उसका रंग व गंध बदला हुआ है तो यह योनि के द्वार पर लगा म्यूकस है जो हट गया है। यह इस बात का संकेत है की आपके गर्भ का पानी छूट रहा है।

     

    यहाँ बताए गए संकेतों के आधार पर यदि आपको लगे कि आपके गर्भ का पानी छूट रहा है तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करें।

     

    Content by Jananam

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