जानकारी / गर्भावस्था के लिए पोषण से भरपूर ख़ास भारतीय आटे

गर्भवती मां और बच्चे के अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के लिए स्वस्थ और पौष्टिक भोजन लेना आवश्यक है। पारंपरिक भारतीय रोटी भारतीय व्यंजनों का मुख्य घटक है और अनेक स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है। रोटी आमतौर पर गेहूं के आटे से तैयार होती है लेकिन आप कई ज्यादा लाभ लेने के लिए आटे में जौ, बाजरा, मकई और रागी जैसे अन्य आटे का उपयोग भी कर सकते हैं।

Traditional Indian flours that you must include in your diet during pregnancy
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Traditional Indian flours that you must include in your diet during pregnancy

जनानम

जनानम

Nov 10, 2019, 12:13 PM IST

भारतीय भोजन में रोटी प्रमुख भोजन होता है और इसके माध्यम से आप प्रेग्नेंसी में उपयुक्त पोषण ले सकतीं हैं। रोटी के लिए गेहूं के अतिरिक्त विभिन्न प्रकार के आटे उपलब्ध हैं जिन्हें आप अपने आहार में शामिल कर सकतीं हैं। हम आपको विभिन्न प्रकार के आटे की जानकारी देने में मदद करते हैं।

  • भारत के पारंपरिक आटे

    भारत के पारंपरिक आटे



    गेहूं का आटा
    • गेहूं: गेहूं के आटे में विटामिन बी 6, फाइबर औरमैग्निशियम अच्छी मात्रा में होता है। इसके कारण गेहूं के आटे की रोटी आसानी से पच जाती है और ब्लड शुगर को मेंटेन करने में भी सहायक होती है। इसके साथ ही गेंहू के पौष्टिक तत्व दांतों और हड्डियों को मजबूत रखते हैं।

     

    जौ

    जौ: जौ के आटे में कैल्शियम, ज़िंक, मेग्नीशियम,पोटेशियम सहित और भी खनिज होते हैं। इस आटे में गेहूं की तुलना में प्रोटीन भी अधिक होता है। इसकी मदद से प्रेग्नेंसी में महिलाओं को होने वाली हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को दूर किया जा सकता है।

    बाजरा
    • बाजरा: बाजरे की रोटी खाने  से शरीर की इमम्यूनिटीआसानी से बढ़ जाती है। इसकी रोटी नियमित रूप से खाने से शरीर को फाइबर, मैग्निशियम, कॉपर, ज़िंक, विटामिन ई जैसे पोषक तत्व भी मिल जाते हैं। प्रेग्नेंसी में मधुमेह की शिकायत होने पर बाजरे की रोटी आसानी से ली जा सकती है क्यूंकी इसमें ग्लूटन नहीं होता है। आयरन की कमी को भी बाजरे की रोटी से दूर किया जा सकता है।
    आटा
    • ज्वार: ज्वार का आटा एंटी ऑक्सीडेंट से भरपूर औरग्लूटन फ्री होता है। इस आटे को फायबर, फास्फोरस और आयरन से भरपूर माना जाता है। पचने में आसान, ज्वार का आटा विटामिन बी कॉम्प्लेक्स का भी अच्छा स्त्रोत माना जाता है।
    मक्की

     

    • मक्की का आटा: प्रेग्नेंसी में मक्की का आटा फोलिक एसिड का अच्छा स्त्रोत होने के कारण सबसे अच्छा माना जाता है। इसके अलावा विटामिन बी, फायबर और एंटी एचआईवी होने के कारण गर्भवती महिला के लिए सर्वोत्तम आटा माना जाता है।

     

    रागी
    • जई का आटा: कुछ लोग इसे रागी भी कहते हैं और यह प्रोटीन से भरा और कम चिकनाई वाला आटा होता है। कैल्शियम, आयरन, फाइबर, प्रोटीन और मिनरल्स से भरपूर आटा प्रेग्नेंसी में सुरक्षित माना जाता है।

     

    रागी
    • नाचनी  का आटा: नाचनी जिसे अब लोग रागी के नाम से जानते हैं, वास्तव में प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है लेकिन इसमें वसा यानि चिकनाई कम होती है। इसके अलावा यह आटा कैल्शियम, फाइबर, आयरन और मिनरल्स से भरपूर होता है। फाइबर की मात्रा अधिक होने के कारण यह पचने में आसान होता है और गर्भकाल में कब्ज की शिकायत को दूर रखता है।

    हमारी हाँ:

    1. कुट्टू
    2. बेसन
    3. सोया
    4. चना

     
    हमारी  ना

    1. मैदा
    2. पिज़्ज़ा
    3. बर्गर 

     

    Content by Jananam

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