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  • Aaj Jeevan Mantra By Pandit Vijayshankar Mehta, Story Of Shriram And Sutrikshna Muni, We Should Try To Be With Good People

आज का जीवन मंत्र:किसी भी बहाने से अच्छे लोगों के साथ रहने की कोशिश करनी चाहिए

5 महीने पहलेलेखक: पं. विजयशंकर मेहता

कहानी - श्रीराम, सीता और लक्ष्मण का वनवास चल रहा था। उस समय इन्हें सुतीक्ष्ण नाम के एक ऋषि मिले। श्रीराम उनसे मिलकर बहुत प्रसन्न हुए, कुछ समय उनके पास रुके। सुतीक्ष्ण ने राम जी से वरदान मांगा, श्रीराम ने उन्हें वरदान दिया और कहा, 'अब हमें आज्ञा दीजिए, हम आगे जाएंगे।'

सुतीक्ष्ण जी ने पूछा, 'आप आगे कहां जाएंगे?'

राम जी ने कहा, 'अब अगस्त्य ऋषि के पास जाने का मन है।'

सुतीक्ष्ण जी बोले, 'वे तो मेरे गुरु हैं। बहुत दिनों से मैंने उनके दर्शन नहीं किए हैं। उनके आश्रम गए हुए बहुत दिन हो गए हैं तो मैं भी आपके साथ चलना चाहता हूं।'

ये बात सुनकर श्रीराम ने लक्ष्मण की ओर देखा और मुस्कुरा दिए, लक्ष्मण के चेहरे पर भी मुस्कान आ गई। सीता ये दृश्य देख रही थीं तो उन्होंने धीरे से श्रीराम से पूछा, 'क्या बात है, आप दोनों भाई सुतीक्ष्ण जी की इस बात पर मुस्कुरा क्यों रहे हैं?'

राम ने धीरे से कहा, 'देवी देखो, ये मुनि कितने चतुर हैं। इन्हें हमारे साथ कुछ समय और रहना है, हम इन्हें इनके आश्रम में छोड़कर जा रहे हैं तो जैसे ही गुरु का नाम आया तो इन्होंने तुरंत सोचा कि गुरु दर्शन हो जाएंगे और हमारे साथ रहने का अवसर भी मिल जाएगा। वैसे ये है तो गुरु कृपा ही, लेकिन ये सात्विक चतुराई भी है।'

सीख - सुतीक्ष्ण जी ने हमें एक बात समझाई है कि अगर अच्छे लोगों के साथ रहने का मौका मिले तो उस मौके को छोड़ना नहीं चाहिए। यहां सुतीक्ष्ण जी ने श्रीराम के साथ रहने के लिए गुरु दर्शन का बहाना बनाया और ये बहाना उनकी समझारी दिखाता है। हमें भी ऐसे अवसर खोजते रहना चाहिए, जहां अच्छे लोगों की संगत मिल सकती है।