• Hindi News
  • Jeevan mantra
  • Dharm
  • Aaj Ka Jeevan Mantra By Pandit Vijayshankar Mehta, How To Get Peace Of Mind, Swami Vivekanand Story In Hindi, Prerak Katha

आज का जीवन मंत्र:सिर्फ शास्त्र पढ़ने से या योग करने से अशांति दूर नहीं होती, शांति चाहते हैं तो मानव सेवा करें

8 महीने पहलेलेखक: पं. विजयशंकर मेहता
  • कॉपी लिंक

कहानी - स्वामी विवेकानंद के पास एक युवक पहुंचा और बोला, 'मैं अनेक साधु-संतों से मिला हूं। कई मंदिरों में गया, कई आश्रमों में भी गया हूं, लेकिन मैं जो चाहता हूं, वह मुझे आज तक मिला नहीं है।'

विवेकानंद जी ने कहा, 'भाई, तुम चाहते क्या हो?'

युवक ने कहा, 'मैं शांति चाहता हूं। शांति पाने के लिए मैंने कई प्रयास किए हैं, लेकिन मैं उतना ही अशांत हूं। क्या आप मुझे कोई समाधान बता सकते हैं?'

विवेकानंद जी ने कहा, 'तुम ये बताओ, अब तक तुमने कौन-कौन से प्रयास किए हैं?'

युवक बोला, 'मैंने एक महात्मा जी का सत्संग सुना तो उससे हनुमान जी के प्रति मेरी आस्था जाग गई। अब मैं हनुमान जी की साधना करता हूं। उसके बाद मन को शून्य करने के लिए ध्यान-योग करता हूं। फिर मैंने एक संत से सुना कि शास्त्रों का अध्ययन करना चाहिए तो मैं एक एकांत कमरे में बड़े-बड़े शास्त्र पढ़ता हूं। पढ़ते समय मैं किसी से मिलता नहीं हूं। अपने आप को बहुत गहरे अध्ययन में मैं डूबो चुका हूं, लेकिन शांति नहीं मिली।'

विवेकानंद जी बोले, 'सबसे पहले एक काम करो, तुम्हारे घर में जो एकांत कमरा है, जिसमें बैठकर तुम शास्त्रों का अध्ययन करते हो, योग-ध्यान करते हो, उसके सारे दरवाजे खोल दो, उसके बाद अपने घर के दरवाजे खोल दो। बाहर निकलो और उन लोगों को देखो जो बहुत दुखी हैं, बीमार हैं, गरीब हैं और इन सब की वजह से जो बहुत लाचार हैं। ऐसे बहुत सारे लोग तुम्हें मिल जाएंगे। ये लोग तुम्हें बाहर ही मिलेंगे, किसी आश्रम या मंदिर में नहीं मिलेंगे। उन लोगों की सेवा करो। अगर धन से सेवा नहीं कर सकते हो तो तन से सेवा करो। उन्हें समझाओ, उन लोगों की मदद करो, जिन्हें प्रेरित कर सकते हो, हो सकता है कोई अज्ञानी हो, अनपढ़ हो तो उन्हें पढ़ा दो। एक महीना ऐसा करो और फिर मेरे पास आना।'

एक महीने बाद वह युवक वापस आया तो वह बदल चुका था। युवक ने स्वामी जी से कहा, 'आपके कहने पर मैंने असहाय लोगों की मदद की तो मुझे अचानक शांति मिल गई।'

विवेकानंद जी बोले, 'अब तुम शास्त्रों का अध्ययन भी करो और योग-ध्यान भी करो, लेकिन पीड़ित लोगों की सेवा जरूर करो। मानव सेवा करने से हमें शांति मिलती है।'

सीख - हमारे आसपास कई लोग ऐसे हैं, जिन्हें कई चीजों की जरूरत है, लेकिन उनके पास पैसा नहीं है। अभी त्योहारों का समय है, कई लोग अपने-अपने घरों के लिए नई चीजें खरीद रहे हैं, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके पास कुछ खरीदने के लिए धन नहीं है तो ऐसे लोगों की मदद करनी चाहिए। मिल-बांटकर आनंद उठाएंगे तो शांति मिलेगी।