आज का जीवन मंत्र:अपने आसपास बाहरी और कमजोर व्यक्ति को पहचानें, वरना नुकसान हो सकता है

एक महीने पहलेलेखक: पं. विजयशंकर मेहता
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कहानी - रामायण की घटना है। अयोध्या में चारों ओर सजावट हो गई थी। सभी खुश थे कि कल राम राजा बन जाएंगे। देवताओं ने देवी सरस्वती से प्रार्थना की कि इस काम में कोई बाधा पहुंचाएं। अगर राम राजा बन गए तो रावण का वध कैसे होगा?

सरस्वती जी ने सभी देवताओं को बहुत कोसा, लेकिन देवी ये काम करने के लिए तैयार हो गईं और अयोध्या पहुंच गईं। अयोध्या पहुंचकर देवी ने विचार किया कि मैं किसका चयन करूं जो इस नेक काम में रुकावट डाल सकता है।

देवी ने सोचा कि जो लोग मूल रूप से अयोध्या का निवासी है, उसकी बुद्धि मैं नहीं फेर सकती। मुझे कोई ऐसा व्यक्ति खोजना होगा, जो बाहर से आया है।

सरस्वती जी को मंथरा नजर आई। मंथरा कैकयी के साथ दहेज में आई थी। कैकय देश के राजा-रानी यानी कैकयी के माता-पिता सौदेबाजी करने के लिए प्रसिद्ध थे। सरस्वती जी ने मंथरा की बुद्धि फेर दी, ये काम बहुत आसान था। मंथरा ने कैकयी की बुद्धि फेर दी और राम का राज्याभिषेक टल गया।

सीख - हमारे आसपास अगर कोई बाहरी या कमजोर व्यक्ति है तो उसकी परख करें और उस पर विशेष ध्यान दें। कमजोर मानसिकता का व्यक्ति बहुत जल्दी रास्ता भटक जाता है। इसलिए ऐसे लोगों के संबंध में सतर्क रहना चाहिए।