आज का जीवन मंत्र:हमारे लिए कोई भला काम करता है तो हमें भी उसके लिए कुछ अच्छा करना चाहिए

एक महीने पहलेलेखक: पं. विजयशंकर मेहता
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कहानी - रामायण की घटना है। चौदह वर्ष का समय पूरा हो चुका था। अयोध्या में सभी लोग राम, लक्ष्मण और सीता की राह देख रहे थे। भरत नंदीग्राम में वैरागी का जीवन जी रहे थे। वे भी यही सोच रहे थे कि अब राम आ जाएंगे।

भरत के मन के एक कोने में ये सवाल भी उठता था कि क्या सचमुच राम आएंगे? इस विचार की वजह से वे परेशान थे। दूसरी ओर राम ने हनुमान से कहा, 'जाओ और अयोध्या का वातावरण देखकर हमें बताओ, उसके बाद हम अयोध्या जाएंगे।'

हनुमान जी वेश बदलकर अयोध्या जाते हैं और भरत जी को सूचना देते हैं कि श्रीराम आने वाले हैं, मैं उनका दूत बनकर आया हूं। इसके बाद हनुमान जी ने भरत को अपना परिचय दिया।

भरत ने जैसे ही सुना कि श्रीराम आने वाले हैं, उन्होंने हनुमान जी से कहा, 'आपने मुझे ये जो सूचना दी है, इससे मेरा मन प्रसन्न है। आपने इतनी शुभ सूचना मुझे दी है तो बताइए मैं आपको क्या दूं?'

हनुमान जी ने कहा, 'धन्यवाद, ये तो मेरा कर्तव्य है।'

सीख - इस पूरे वार्तालाप में भरत ने जो कहा, 'मैं आपको क्या दूं?' ये संवाद हमें सिखा रहा है कि जीवन में अगर कोई हमारी पसंद का काम करता है तो उससे ये जरूर पूछना चाहिए कि हम आपके लिए क्या कर सकते हैं, अगर हम उसके लिए कुछ अच्छा कर सकते हैं तो जरूर करना चाहिए। समाज में अच्छा क्रिया की अच्छी प्रतिक्रिया, अच्छे कामों का आदान-प्रदान होते रहना चाहिए। वर्ना आपसी व्यवहार सूखा और रूखा रह जाएगा।