• Hindi News
  • Jeevan mantra
  • Dharm
  • Aaj Ka Jeevan Mantra By Pandit Vijayshankar Mehta, Story Of Dr Homi Jahangir Bhabha, Make Progress In Modern Life, But Do Not Misuse Nature

आज का जीवन मंत्र:आधुनिक जीवन में प्रगति जरूर करें, लेकिन प्रकृति का दुरुपयोग न करें

8 महीने पहलेलेखक: पं. विजयशंकर मेहता

कहानी

करीब 80 साल पहले की बात है। मुंबई के पेडर रोड पर कुछ मजदूर एक हरे-भरे पेड़ को काट रहे थे। एक सज्जन उन मजदूरों के पास रुके और बोले, 'आप ये पेड़ क्यों काट रहे हैं? ये तो एक इंसान की तरह ही है।'

मजदूरों ने जवाब दिया, 'हमें तो आदेश मिला है, क्योंकि ये सड़क चौड़ी करना है।'

उस सज्जन व्यक्ति ने कहा, 'ठहरिए। मेरा निवेदन है कि आप एक घंटा प्रतीक्षा करें। तब तक मैं कुछ करता हूं।'

मजदूरों ने उस व्यक्ति की बात मान ली और तय किया कि ये पेड़ एक घंटे बाद काट लेंगे।

करीब एक घंटे बाद वहां कुछ और अधिकारी आए। उन्होंने उस पेड़ को वहां से उखाड़कर किसी दूसरे स्थान पर ले जाकर वापस रोपने की व्यवस्था कर दी। तब मजदूरों को मालूम हुआ कि वह व्यक्ति वैज्ञानिक डॉ. होमी जहांगीर भाभा थे।

डॉ. भाभा भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के शिल्पकार थे। उनका मानना था कि हमारा देश परमाणु शक्ति संपन्न बने, लेकिन वे पर्यावरण के लिए बहुत ही गंभीर थे। उन्होंने मुंबई के अधिकारियों से बातचीत की और दबाव बनाया कि पेड़ न काटे जाएं, उन्हें उखाड़ कर दूसरी जगह लगाया जाना चाहिए। बाद में ऐसा उन्होंने करवा भी दिया।

सीख

डॉ. भाभा ने हमें शिक्षा दी है कि हमारा वैज्ञानिक दृष्टिकोण होना चाहिए, हमें प्रगतिशील भी होना चाहिए, लेकिन हमारे लाभ के लिए प्रकृति और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए।