आज का जीवन मंत्र:बुरे लोग हमसे मीठी वाणी में बोलते हैं और हमारी परेशानियां बढ़ा देते हैं, इनसे बचें

2 महीने पहलेलेखक: पं. विजयशंकर मेहता
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कहानी - रामायण में कैकयी बहुत खुश थी, क्योंकि श्रीराम राजा बनने वाले थे। कैकयी की दासी मंथरा ने अकेले में उससे बात की और इस बात से डरा दिया कि अगर राम राजा बने तो कौशल्या तुम्हें जेल में डाल देगी।

कैकयी डर की वजह से मंथरा की बातों में आ जाती है। मंथरा की बातों का कैकयी पर इतना असर होता है कि वह कहती है, 'मंथरा तू अगर कहे तो मैं कुएं में गिर जाऊं। तू कहे तो मैं अपने पति और पुत्र को छोड़ दूं। मुझे लग रहा है कि तू मेरे हित की बात कर रही है।'

मंथरा इतने कोमल ढंग से बात कर रही थी कि उसकी बातचीत के पीछे का जहर कैकयी को समझ ही नहीं आया। यूं समझ लें कि शहद में घोलकर जहर पिला दिया।

मंथरा ने कहा, 'तुम्हारे पास दो वरदान हैं। राजा से मांग लो। पहला काम तो ये करो कि कोप भवन में चली जाओ। दूसरी काम ये कि तुम्हारे पति राजा दशरथ की कोई बात मत मानना। वे कुछ भी कहें, तुम मानना ही मत।'

मंथरा की बातें मानकर कैकयी ने कोप भवन के कपड़े पहन लिए, जो कि काले रंग के थे। जब राजा दशरथ उसके पास आए तो उसने दो वरदान मांग लिए। इस वजह से राम राज्य चौदह वर्ष के लिए आगे बढ़ गया।

सीख - अगर हमारे जीवन में मंथरा जैसा कोई व्यक्ति यानी कोई कुटिल व्यक्ति आ जाए और हमारे जीवन को हमारे परिवार को बिगाड़ने की कोशिश करे तो उनकी बातों पर बहुत बारिकी से नजर रखें। वे मंथरा की तरह कोमल वाणी बोलेंगे, हमें समझाने की कोशिश करेंगे। ऐसे लोग हमारे गुस्से को उकसाते हैं, ऐसे लोग हमें प्रभावित करते हैं। अगर हम प्रभावित हो जाते हैं तो हम अपने ही लोगों से दूर हो जाते हैं। मंथरा जैसे गलत लोग हमारे जीवन में आते-जाते रहते हैं। ऐसे लोगों की परख करें और उनकी बातें पर ध्यान न दें। अगर बात सुन लो तो उसे मानना मत और अगर बात मजबूरी में माननी पड़े तो अपने जीवन को बचाकर उस समय को पार कर लेना चाहिए।