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  • Aaj Ka Jeevan Mantra By Pandit Vijayshankar Mehta, Story Of Ramprasad Bismil, Motivational Story About Good Work

आज का जीवन मंत्र:दूसरों की भलाई के लिए काम करते समय परेशानियों से डरकर पीछे नहीं हटना चाहिए

4 दिन पहलेलेखक: पं. विजयशंकर मेहता
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कहानी - स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामप्रसाद बिस्मिल अपने साथियों को एक घटना सुना रहे थे। दो दिन बाद उन्हें फांसी होने वाली थी। वे मुस्कान के साथ कहते हैं, 'जिसे जहां पहुंचना होता है, वह वहां पहुंच जाता है। अंग्रेज मुझे क्या फांसी देंगे, ये तो सब ऊपर से तय है कि हम किस तरह कौन सा काम करके जाएंगे। जब मुझे गिरफ्तार किया गया तो कोतवाली ले गए। वहां हमें बैठा दिया गया और हमारी निगरानी के लिए एक मुंशी को बैठा दिया, ताकि हम भाग न जाएं।

मुंशी रातभर का थका हुआ था तो उसे नींद आ रही थी। मुंशी ने मुझसे कहा कि तुम भागना मत, क्योंकि तुम भागोगे तो दंड मुझे मिलेगा। मेरी नौकरी जाएगी और मैं गिरफ्तार हो जाऊंगा।'

बिस्मिल ने आगे कहा, 'मेरा मन तो भागने का हो रहा था, लेकिन मैं भागा नहीं। मुझे उस मुंशी पर दया आ गई। मैंने सोचा कि भागूंगा मैं और सजा इसे मिलेगी। ये सोचकर मैं रुक गया, क्योंकि मेरा उद्देश्य पवित्र था। आज भी मुझे लगता है कि अगर मैं भाग गया होता तो कई लोगों को दंड मिलता। मेरी फांसी भी सभी के लिए संदेश बन जाएगी कि अच्छे काम में पीठ नहीं दिखाना चाहिए। हालात का आगे बढ़कर सामना करना चाहिए। भागना नहीं चाहिए।'

सीख - हमारे काम की वजह से दूसरों का नुकसान नहीं होना चाहिए। दूसरों का ध्यान रखकर भी अपने उद्देश्यों को पूरा किया जा सकता है।