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चैत्र पूर्णिमा:27 अप्रैल को सूर्य, बुध, शुक्र और शनि के योग में मनेगी हनुमान जयंती, मंगलवार को हुआ था हनुमानजी का जन्म

5 महीने पहले
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  • मंगलवार को हनुमानजी के सामने दीपक जलाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें, जरूरतमंद लोगों की मदद करें

मंगलवार, 27 अप्रैल को चैत्र मास की पूर्णिमा है। त्रेतायुग इसी तिथि पर सुबह करीब पांच बजे हनुमानजी का जन्म हुआ था। उनके पिता का नाम केसरी और माता का नाम अंजनी था। इस साल हनुमान जंयती पर शनि मकर राशि में रहेगा।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जब हनुमानजी का जन्म हुआ था, उस समय उच्च के मंगल की उच्च के सूर्य पर दृष्टि थी। इस साल हनुमान जयंती पर सूर्य उच्च का रहेगा। शनि स्वराशि मकर में और गुरु कुंभ राशि में होगा। सूर्य, बुध और शुक्र का योग मेष राशि बना हुआ है। राहु वृषभ में और केतु वृश्चिक राशि में होगा।

मंगल के उच्च राशि मकर में रहते हुए हनुमानजी का जन्म हुआ था। मंगलवार का हनुमानजी से गहरा संबंध है, क्योंकि उनका जन्म मंगलवार को हुआ था। उनके आराध्य श्रीराम का जन्म भी मंगलवार को ही हुआ था। श्रीराम जन्म के समय भी मंगल उच्च की राशि मकर में ही स्थित था।

हनुमानजी का जन्मवार होने की वजह से ही मंगलवार को इनकी विशेष पूजा की जाती है। साथ ही, शनिवार को भी हनुमानजी को अत्यंत प्रिय है, इस बार शनिवार का कारक ग्रह शनि अपनी स्वयं की राशि मकर में रहेगा। इस साल से पहले शनि के मकर में रहते हुए हनुमान जयंती पिछले वर्ष और उससे 28 वर्ष पहले 17 अप्रैल 1992 को मनाई गई थी। मंगल और शनि दोनों ही ज्योतिष के अनुसार क्रूर ग्रह माने जाते हैं। इन दोनों ग्रहों को हनुमानजी के पूजन से शांत किया जा सकता है।

हनुमान जयंती पर करें ये शुभ काम

हनुमानजी के जन्मोत्सव पर सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाएं। घर के मंदिर में हनुमानजी की विशेष पूजा करें। दीपक जलाकर हनुमान चालीसा का पाठ करें। आपके पास पर्याप्त समय हो तो सुंदरकांड का पाठ करें।

इस दिन जरूरतमंद लोगों की मदद करें। हनुमानजी ऐसे लोगों पर विशेष कृपा करते हैं जो दूसरों की मदद के लिए हमेशा तैयार रहते हैं।