आज का जीवन मंत्र:अगर कोई व्यक्ति गलत काम कर देता है तो गलती की वजह को भी समझना चाहिए

14 दिन पहलेलेखक: पं. विजयशंकर मेहता
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कहानी - गुरु समर्थ रामदास वीर शिवाजी के गुरु थे। वे एक दिन अपने कुछ शिष्यों के साथ किसी खेत के पास से गुजर रहे थे। रास्ते में शिष्यों को भूख लगी। सभी ने गुरु से कहा, 'हमें भूख लग रही है।'

गुरु ने कहा, 'हमें अपनी भूख पर नियंत्रण रखना चाहिए।'

उन शिष्यों में एक ऐसा था, जिसे बहुत ज्यादा भूख लग रही थी। वह भूख सहन नहीं कर पा रहा था तो गन्ने के एक खेत में चला गया, उसने एक गन्ना उखाड़ लिया और उसे खाने लगा। उसी समय खेत का मालिक किसान वहां आ गया और उसने आपत्ति जताते हुए कहा, 'तुमने मुझसे बिना पूछे मेरे खेत से गन्ना उखाड़कर खाया है।'

सभी शिष्य ये बात सुनकर चुप हो गए और गुरु समर्थ रामदास की ओर देखने लगे। किसान को लगा कि ये व्यक्ति इन लोगों का मुखिया है। किसान ने रामदास जी के साथ मारपीट करनी शुरू कर दी। किसान के कुछ और साथी भी वहां आ गए और उन्होंने भी गुरु रामदास को मारना शुरू कर दिया। सभी शिष्य उनका कुछ कर नहीं सके।

ये बात वीर शिवा जी को मालूम हुई तो उन्होंने उन किसानों को पकड़कर दरबार में पेश करने का आदेश दे दिया। अगले दिन जब दरबार लगा तो उन किसानों को दरबार में पेश किया गया। किसानों ने देखा कि जिस व्यक्ति को उन्होंने मारा था, वह राज सिंहासन पर बैठा और शिवाजी उनके पास नीचे बैठे हैं। ये देखकर सभी किसान कांपने लगे। जिस किसान ने रामदास जी की पिटाई सबसे पहले की थी, वह उनके चरणों में गिर पड़ा और क्षमा मांगने लगा।

शिवा जी ने कहा, 'गुरुदेव, इन किसानों ने अपराध किया है, आप बताइए इन्हें क्या दंड देना चाहिए?'

रामदास जी बोले, 'शिवा मैं जो कहूंगा, वो कर दोगे?'

शिवा जी ने हां कहा तो गुरु रामदास बोले, 'इस किसान को मुक्त कर दो और इसके पास एक छोटा सा गन्ने का खेत है, इसे इतने खेत दे दो कि ये आसानी से जीवन काट सके। इसने पिटाई इसलिए की थी कि इसके लिए एक गन्ना बहुत कीमती था। ये एक गरीब व्यक्ति है।

सीख - अगर सही इंसान कोई भूल कर दे और उसे दंड देना हो तो उसके अपराध की वजह भी जरूर समझनी चाहिए। अपराध की मूल वजह को खत्म करना चाहिए, ताकि वह भविष्य में फिर से कोई अपराध न करे।