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  • In The Goddess Sukta Of Durga Saptashati, The Secret Of Shakti Sadhana, From Intellect To Strength And From Sleep To Hunger, Mother Durga Is Present In Our Body In Every Form.

तन-मन में है मां:सेहत और शक्ति पाने का रहस्य है हमारे ही अंदर; नींद, भूख, प्यास में भी देवी दुर्गा का वास

13 दिन पहलेलेखक: नितिन आर. उपाध्याय
  • दुर्गा सप्तशती का तंत्रोक्त देवी सूक्त कहता है- इंसान में कई रूपों में विराजती हैं मां दुर्गा

आज से शक्ति का पर्व नवरात्रि शुरू हो रहा है। ये नौ दिन शक्ति पाने के हैं। सेहत ही सबसे बड़ी शक्ति है, ये दुनिया ने कोरोना के बीते दो सालों में समझ लिया है। शरीर कैसे ताकतवर बने, इसका रहस्य दुर्गा सप्तशती के तंत्रोक्त देवी सूक्त में है। देवी सूक्त कहता है, शरीर में हर तरह से देवी का वास है। नींद, भूख, प्यास में भी देवी दुर्गा हैं। शक्ति तब आती है, जब इनमें संतुलन होता है। अगर हम इन सबको साध लें, तो शक्ति पाने से चूक नहीं सकते, क्योंकि वो तो शरीर में विराजित हैं ही।

तंत्रोक्त देवी सूक्त से समझें मां दुर्गा हम में कहां-कहां हैं..

क्या है दुर्गा सप्तशती का देवी सूक्त?

मां भगवती की सबसे श्रेष्ठ स्तुति है दुर्गा सप्तशती। सप्तशती यानी सात सौ श्लोक। इसी सप्तशती में देवी सूक्त आता है। इसे तंत्रोक्त देवी सूक्त कहा जाता हैं। तंत्र का लोग एक अर्थ निकालते हैं जादू-टोने से, लेकिन अध्यात्म में इसकी एक अलग परिभाषा भी है। तंत्र वो, जो तन को साध कर किया जाए। मंत्र, जो मन के साधने से होता है। ये तंत्रोक्त देवी सूक्त है, क्योंकि इसमें मानव देह की ही बात हो रही है, उसी से शक्ति को साधने का उद्देश्य है। हमने देवी सूक्त के श्लोकों के आधे हिस्सों को ऊपर लिया है। संपूर्ण देवी सूक्त 30 श्लोकों का है।

यहां पढ़ें, संपूर्ण देवी सूक्त...

स्केच/इलस्ट्रेशन - गौतम चक्रवर्ती

ग्राफिक्स - हर्ष साहनी

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