गौतम बुद्ध की सीख:परेशानियों से बचकर भागे नहीं, क्योंकि परेशानियां तो हर जगह हैं, उनका सामना धैर्य के साथ करें

14 दिन पहले
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परेशानियां आती-जाती रहती हैं, इनकी वजह से हमें हताश नहीं होना चाहिए। परेशानियों से बचने की कोशिश नहीं करनी चाहिए, बल्कि उनका सामना करके आगे बढ़ना चाहिए। ये बात गौतम बुद्ध ने अपने शिष्य आनंद को समझाई थी।

गौतम बुद्ध से जुड़ा किस्सा है। गौतम बुद्ध कौशांबी नगर में अपने शिष्य आनंद के साथ ठहरे हुए थे। कौशांबी की रानी बुद्ध को पसंद नहीं करती थी, वह बुद्ध का अपमान करती रहती थी।

रानी ने अपने सेवकों को आदेश दिया कि वे बुद्ध को अलग-अलग तरीकों से प्रताड़ित करे और उन्हें यहां से भगा दे। रानी का आदेश मिलते ही काफी लोग बुद्ध को सताने लगे।

जब समस्याएं ज्यादा बढ़ने लगीं तो एक दिन आनंद से बुद्ध से कहा कि ये लोग जान-बुझकर हमें सता रहे हैं, हमारा अपमान कर रहे हैं। इसलिए हमें ये जगह छोड़कर आगे बढ़ जाना चाहिए।

बुद्ध ने आनंद से कहा कि एक बात बताओ, ये जगह छोड़कर हम कहां जाएंगे? हम जहां जाएंगे अगर वहां भी ऐसे ही लोग मिले तो हम क्या करेंगे? परेशानियां तो हर जगह रहती हैं। परेशानियों का तो कोई अंत नहीं है। हमें इनका सामना करना चाहिए और तभी ये समस्याएं खत्म हो सकती हैं।

बुद्ध ने आगे समझाया कि अगर ये लोग हमारा अपमान कर रहे हैं तो हम धैर्य और सहनशक्ति के साथ इनका सामना करेंगे। जब हम धैर्य बनाए रखेंगे तो एक दिन हम इनके मन में अपने लिए जगह जरूर बना लेंगे।

गौतम बुद्ध की सीख

इस किस्से में गौतम बुद्ध ने संदेश दिया है कि हमें परेशानियों से डरकर भागना नहीं चाहिए। परेशानियों का सामना करके ही उन्हें दूर किया जा सकता है।