माघी अमावस्या पर क्या करें और क्या न करें:दान-पुण्य के साथ ही पितरों के लिए श्राद्ध-तर्पण जरूर करें, शाम को तुलसी के पास जलाएं दीपक

14 दिन पहले
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आज (शनिवार, 21 जनवरी) माघी अमावस्या है। शनिवार को ये तिथि होने से इसे शनिश्चरी अमावस भी कहा जाता है। इस दिन पूजा-पाठ, दान-पुण्य करने के साथ ही पितरों के लिए श्राद्ध-तर्पण करने की परंपरा है। माघी अमावस्या पर प्रयागराज के संगम में स्नान के लिए काफी अधिक भक्त पहुंचते हैं।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, प्रयागराज में स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो किसी अन्य नदी में स्नान कर सकते हैं। किसी अन्य नदी में भी स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान कर सकते हैं। घर में गंगाजल भी नहीं है तो सामान्य पानी को गंगा नदी का स्वरूप मानकर उससे स्नान किया जा सकते हैं। शाम को सूर्यास्त के बाद आंगन में तुलसी के पास दीपक जरूर जलाएं।

माघी अमावस्या पर कर सकते हैं ये शुभ काम

इस अमावस्या पर भगवान विष्णु और महालक्ष्मी का अभिषेक जरूर करें। दक्षिणावर्ती शंख में केसर मिश्रित दूध भरें और भगवान को स्नान कराएं। नए वस्त्र पहनाएं। इत्र, कुमकुम, चंदन अबीर-गुलाल आदि शुभ चीजें चढ़ाएं। फूलों से श्रृंगार करें। मिठाई का भोग तुलसी के साथ लगाएं। धूप-दीप जलाकर आरती करें।

इस दिन रामायण श्रीमद् भागवद् गीता, शिव पुराण, विष्णु पुराण जैसे किसी ग्रंथ का पाठ किया जा सकता है या किसी संत-महात्मा के प्रवचन सुन सकते हैं।

ऊँ नमो भगवते वासुदेवाय, ऊँ नम: शिवाय, श्री गणेशाय नम:, कृं कृष्णाय नम:, रां रामाय नम:, दुं दुर्गायै नम:, ऊँ श्रीरामदूताय नम: या अपने इष्टदेव के मंत्र का जप कर सकते हैं। मंत्र जप की संख्या कम से कम 108 होनी चाहिए।

इस दिन शिव जी का जलाभिषेक भी कर सकते हैं। लोटे में पानी भरें और पतली धार के साथ शिवलिंग पर चढ़ाएं। ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करें। बिल्व पत्र, आंकड़े के फूल, धतूरा आदि चीजें चढ़ाएं। मिठाई को भोग लगाएं। धूप-दीप जलाएं और आरती करें।

माघ महीने में तिल के दान का महत्व काफी अधिक है। इस महीने की अमावस्या पर भी काले तिल का दान जरूर करें। इसके साथ ही जरूरतमंद लोगों को भोजन कराएं। अनाज, धन, जूते-चप्पल, कपड़े का दान करें।

किसी गोशाला में हरी घास दान करें। मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं। पूजा-पाठ के अंत में भगवान से जानी-अनजानी गलतियों के लिए क्षमा याचना जरूर करनी चाहिए।

माघी अमावस्या पर न करें ये काम

ध्यान रखें इस दिन घर में क्लेश न करें। परिवार में प्रेम बनाए रखेंगे तो पूजा-पाठ में मन लगा रहेगा और शांति के साथ पूजा कर पाएंगे। किसी भी तरह का नशा न करें। अधार्मिक कामों से बचें। किसी का अपमान न करें।