ग्रह-नक्षत्र:मकर संक्रांति पर सूर्य, शनि और बुध का योग मकर राशि में, 15 जनवरी को करें दान-पुण्य

15 दिन पहले
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दिनांक 14 जनवरी की रात करीब 9 बजे सूर्य मकर राशि में प्रवेश करेगा, इसे ही मकर संक्राति कहते हैं। मकर संक्राति 14 जनवरी को रहेगी और इससे जुड़े शुभ कर्म 15 जनवरी को किए जाएंगे। सूर्य का राशि परिवर्तन 14 जनवरी की रात में होगा, इसलिए मकर संक्रांति का पुण्यकाल स्नान-दान अगले दिन रहेगा।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार इस समय में सूर्य उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में है। इस नक्षत्र का स्वामी शनि है। सूर्य मकर राशि में जाएगा, इस राशि स्वामी भी शनि ही है और मकर राशि में ही स्थित है। मकर राशि में बुध भी है। सूर्य की शनि-बुध के साथ मकर राशि में युति बनेगी।

पिछले साल 2021 में भी सूर्य जब मकर राशि में आया था, उस समय भी शनि मकर राशि में था। एक माह तक सूर्य-शनि की युति मकर में थी। सूर्य, शनि, चंद्र, गुरु और बुध की युति की वजह से 2021 में कोरोना संक्रमण इतना अधिक फैला था। इस वर्ष भी सूर्य-शनि की युति मकर राशि में रहेगी। साथ ही बुध भी है, लेकिन इस साल संक्रमण तो होगा, लेकिन पिछले साल की तुलना उतना भयानक नहीं होगा। लोगों में इस बार डर कम रहेगा।

संक्रांति पर बन रहे ग्रह योगों का असर व्यापार के लिए मध्यम रहेगा। मान्यता है कि मकर संक्रांति से ही देवताओं का दिन और दैत्यों की रात शुरू होती है। इस समय में दान-पुण्य करने का विशेष महत्व है। संक्रांति पर तिल, कंबल, मच्छरदानी आदि का दान करें। पुण्य काल 15 जनवरी को पूरे दिन रहेगा। सूर्यदेव के साथ ही, शिव जी, भगवान विष्णु की भी विशेष पूजा करें। किसी पवित्र नदी में स्नान और स्नान के बाद दान-पुण्य करें।