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कार्तिक पूर्णिमा 19 को:ग्रहों के शुभ संयोग में मनेगा पर्व, इससे और बढ़ जाएगा तीर्थ स्नान और दीपदान से मिलने वाला पुण्य

12 दिन पहले
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  • भगवान विष्णु, शिव और गुरुनानक देव से जुड़ी है कार्तिक महीने की पूर्णिमा, ज्योतिषीय नजरिये से भी खास है ये दिन

कार्तिक महीने का आखिरी दिन 19 नवंबर को रहेगा। पूर्णिमा तिथि होने से इस दिन स्नान-दान और अन्य धार्मिक कामों की परंपरा है। सालभर में सिर्फ ये ही पूर्णिमा ऐसी होती है जब चंद्रमा अपनी उच्च राशि में होता है। चंद्रमा जल तत्व का ग्रह होता है। इसलिए इस दिन नदी या पवित्र जल में स्नान का महत्त्व और बढ़ जाता है।

कार्तिक पूर्णिमा देवी-देवताओं को प्रसन्न करने का दिन होता है। इसीलिए इस पर्व पर लोग पवित्र गंगा में डुबकी लगाकर और जरूरतमंद लोगों को दान दे कर पुण्य कमाते हैं। साथ ही पुराणों में इस दिन हवन, दान, जप, तप और अन्य धार्मिक कामों का विशेष महत्व बताया गया है। शास्त्रों में इस दिन कार्तिक स्नान करने और भगवान विष्णु की विशेष पूजा करने से भक्तों को सौभाग्य मिलता है।

सूर्य-चंद्रमा के शुभ योग से बढ़ेगा पुण्य
वैदिक विश्वविद्यालय भीलवाड़ा के डॉ. मृत्युंजय तिवारी बताते हैं कि कार्तिक महीने की पूर्णिमा पर सर्वार्थसिद्धि और वर्धमान योग बन रहा है। इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि में रहेगा। वहीं, सूर्य के साथ केतु और चंद्रमा के साथ राहु की युति आध्यात्मिक उर्जा बढ़ाने वाली रहेगी। सूर्य-चंद्रमा का समसप्तक योग बनने से इस दिन जरूरतमंद लोगों को दान देने से कई गुना शुभ फल मिलेगा। डॉ. तिवारी का कहना है कि जहां गोचर में शुभ ग्रहों से पूर्णिमा पर्व का महत्व और बढ़ गया है वहीं, अदृश्य चक्रार्ध में सभी ग्रहों की स्थिति से देश और विश्व में आत्मघाती हमले और भय का माहौल भी बनेगा।

वेद पुराणों में महत्व
डॉ. तिवारी के मुताबिक वेदों में कार्तिक मास को उर्ज नाम दिया गया है। यानी सभी महीनो में श्रेष्ठ ये महीना आध्यात्मिक ऊर्जा बढ़ाने वाला माना जाता है। इस दिन भगवान नारायण ने मत्स्य अवतार लिया था। इस पूर्णिमा पर भगवान् विष्णु के मत्स्य अवतार यानी मछली रूप में पूजा की जाती है। कार्तिक महीने की पूर्णिमा पर ही भगवान शंकर ने त्रिपुरासुर नाम के असुर को मारा था तभी भगवान शंकर को त्रिपुरारी कहा जाता है और इस पूर्णिमा को त्रिपुरी पूर्णिमा कहा जाने लगा। महाभारत युद्ध खत्म होने पर महाराज युधिष्ठिर ने इसी दिन भीष्म को धर्मोपदेश दिया था। इस दिन गुरु नानक जयंती और दीपदान कर के देव दीपावली मनाई जाती है।

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