• Hindi News
  • Jeevan mantra
  • Dharm
  • On May 22, Shani Jayanti, jyestha Amavasya 2020, Shani Mantra, shani jayanti 2020, worship to lord shani, shani puja vidhi

धर्म / 22 मई को शनि जयंती, अमावस्या पर सुबह गणेश पूजन के बाद करें शनि मंत्र का जाप

X

  • ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर मनाई जाती है शनि जयंती

दैनिक भास्कर

May 19, 2020, 08:04 AM IST

शुक्रवार, 22 मई को शनि जयंती है। हिन्दी पंचांग के मुताबिक ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर शनि जयंती मनाई जाती है। इस दिन जो शनिदेव के लिए व्रत रखा जाता है और विधि-विधान से पूजा की जाती है। तेल का दान किया जाता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार जानिए शनि जयंती पर शनि से पहले गणेशजी पूजा जरूर करें। गणेशजी प्रथम पूज्य देव हैं। हर पूजन कर्म की शुरुआत इनके ध्यान के साथ ही करना चाहिए।

शनि की पूजन विधि

शनि जयंती पर सुबह जल्दी उठें और स्नान के बाद अपने इष्टदेव, गुरु और माता-पिता का आशीर्वाद लें। सूर्य और अन्य ग्रहों को नमस्कार करते हुए श्रीगणेश भगवान का पंचोपचार से पूजा करें। गणेश को स्नान कराएं, वस्त्र, चंदन, फूल अर्पित करें। धूप-दीप जलाएं। इसके बाद लोहे का एक कलश लें और उसे सरसों या तिल के तेल से भरकर उसमें शनिदेव की लोहे की मूर्ति स्थापित करें। उस कलश को काले कंबल से ढंक दें। इस कलश को शनिदेव का रूप मानकर आह्वान, स्थान, आचमन, स्नान, वस्त्र, चंदन, चावल, फूल, धूप-दीप, यज्ञोपवित, नैवेद्य, आचमन, पान, दक्षिणा, श्रीफल, अर्पित करके पूजन करें।

इस मंत्र का जाप करें - ऊँ शं नो देवीरभिष्ट्य आपो भवन्तु पीतये। शं योरभि स्त्रवन्तु न:॥

आप चाहें तो ऊँ शं शनैश्चराय नम: मंत्र का भी जाप कर सकते हैं। पूजा में नीले फूल, चावल-मूंग की खिचड़ी अर्पित करें। पूजा में हुई जानी-अनजानी भूल के लिए क्षमा मांगे।

पूजा के बाद सभी को प्रसाद वितरित करें। अंत में समस्त पूजन सामग्री किसी ब्राह्मण को दान करें।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना