प्रसंग / जो लोग अपने पद का घमंड करते हैं, उन्हें नहीं मिलता सम्मान और मन रहता है अशांत

prerak prasang for happy life, motivational stroy about peace of mind, how to get peace of mind, inspirational story
X
prerak prasang for happy life, motivational stroy about peace of mind, how to get peace of mind, inspirational story

  • राजा अपनी प्रजा का हाल जानने के लिए वेश बदलकर राज्य में निकले, रास्ते में पड़ा था एक बड़ा पत्थर, एक मजदूर उसे हटाने की कोशिश कर रहा था

दैनिक भास्कर

May 28, 2020, 04:13 PM IST

 जो लोग अपने पद का घमंड करते हैं, उन्हें कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इस संबंध में एक लोक कथा प्रचलित है। कथा के अनुसार एक राजा सभी की मदद करता था और अपनी प्रजा की अच्छी तरह देखभाल करता था। प्रजा के हाल जानने के लिए एक दिन राजा वेश बदलकर अपने नगर में घूम रहा था।

राजा ने मार्ग में देखा कि एक मजदूर बड़ा पत्थर हटाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन वहां कोई भी व्यक्ति उसकी मदद के लिए नहीं रुक रहा था। एक अन्य व्यक्ति पत्थर को नहीं हटा पाने की वजह से मजदूर को डांट रहा था। ये देखकर राजा ने उस व्यक्ति से कहा कि अगर तुम भी इस मजदूर की मदद करोगे तो ये पत्थर जल्दी हट जाएगा।

उस व्यक्ति ने कहा कि मैं इसका ठेकेदार हूं और मेरा काम पत्थर हटाने का नहीं है। ये बात सुनकर राजा खुद उस मजदूर के पास गए और पत्थर हटाने के लिए उसकी मदद करने लगे। कुछ ही देर में वह पत्थर रास्ते हट गया। गरीब मजदूर ने मदद करने वाले अनजाने व्यक्ति को धन्यवाद कहा।

पत्थर हटने के बाद राजा ने मजदूर के ठेकेदार से कहा कि भाई भविष्य में कभी भी तुम्हें एक मजदूर की जरूरत हो तो राजमहल आ जाना। ये बात सुनकर ठेकेदार हैरान हो गया। उसने ध्यान से देखा तो उसे समझ आया कि उसके सामने राजा हैं।

राजा को पहचानते ही ठेकेदार क्षमा याचना करने लगा। राजा ने उससे कहा कि दूसरों की मदद करना ही मानवता है। अगर हम अपने पद का घमंड करेंगे तो हमें कभी भी मान-सम्मान नहीं मिलेगा। ये बातों ठेकेदार को समझ आ गई और उसने भविष्य में दूसरों की मदद करने का संकल्प लिया। इस कथा की सीख यही है कि हमें जरूरतमंद लोगों की अपने सामर्थ्य के अनुसार मदद जरूर करनी चाहिए। दूसरों की मदद करने वाले लोगों को घर-परिवार और समाज में मान-सम्मान मिलता है।

आज का राशिफल

पाएं अपना तीनों तरह का राशिफल, रोजाना