कोट्स:सुख-दुख देने वाला कोई दूसरा व्यक्ति है, ऐसा सोचना गलत है; सुख-दुख हमारे कर्मों से ही मिलते हैं

एक महीने पहले
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महाभारत में युद्ध से पहले श्रीकृष्ण ने अर्जुन को गीता का उपदेश दिया था। श्रीकृष्ण ने अर्जुन को समझाया था कि हमें हमारे कर्मों का फल जरूर मिलता है। हमारे कर्म जैसे होंगे, वैसे ही फल हमें मिलेंगे। इसलिए कभी भी गलत काम नहीं करना चाहिए। हमें जो भी सुख-दुख मिलते हैं, वह हमारे ही कर्मों का फल है।

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