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कोट्स:कलियुग में रहना है या सतयुग में, यह हमें खुद चुनना चाहिए, हमारा युग हमारे पास ही है

एक महीने पहले
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  • आचार्य विनोबा भावे ने अपने विचारों में जीवन को सुखी और सफल बनाने के सूत्र बताए हैं, जानिए ये सूत्र

आचार्य विनोबा भावे स्वतंत्रता संग्राम के सेनानी थे। वे गांधीवादी थे। इनके विचारों को जीवन में उतारने से हमारी कई समस्याएं खत्म हो सकती हैं। वे कहा करते थे कि कलियुग और सतयुग इनमें से हमें खुद ही हमारा युग चुनना चाहिए। अगर हम अच्छा आचरण करेंगे तो ये सतयुग बन जाएगा और बुरा आचरण करेंगे तो कलियुग।

यहां जानिए आचार्य विनोबा भावे के कुछ खास विचार...