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हिन्दी पंचांग:आज से कार्तिक माह शुरू, ये है पवित्र नदियों में स्नान करने और दीपदान करने का महीना

एक महीने पहले
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आज गुरुवार, 21 अक्टूबर से हिन्दी पंचांग का नया महीना कार्तिक शुरू हो रहा है। इस माह में पवित्र नदियों में स्नान करने की और दीपदान करने की परंपरा है। कार्तिक मास में भगवान विष्णु का भी विशेष पूजन करना चाहिए।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के अनुसार इस महीने में रोज सुबह जल्दी उठ जाना चाहिए और पवित्र नदियों में स्नान करना चाहिए। अगर नदी में स्नान नहीं कर पा रहे हैं तो घर पर पानी में गंगाजल मिलाकर स्नान करना चाहिए। स्नान करने से पहले सभी तीर्थों और नदियों का ध्यान करना चाहिए।

कार्तिक माह में सूर्योदय से पहले स्नान करें और उगते सूर्य को जल अर्पित करें। इस दौरान सूर्य मंत्र ऊँ सूर्याय नम: का जाप करें। जल चढ़ाने के लिए तांबे के लोटे का उपयोग करना चाहिए। लोटे में जल भरें और कुमकुम, चावल, फूल भी डालें, इसके बाद ये जल सूर्य को चढ़ाएं।

कार्तिक महीने में करवा चौथ, धन तेरस, रूप चौदस, दीपावली, गोवर्धन पूजा, भाई दूज और तुलसी विवाह यानी देवउठनी एकादशी जैसे बड़े त्योहार आएंगे। देवउठनी एकादशी से सभी तरह के मांगलिक कर्म फिर से शुरू हो जाएंगे।

कार्तिक माह में क्या करें और क्या न करें

इस पवित्र महीने में तामसिक यानी अधिक मसालेदार भोजन और मांसाहार का त्याग करना चाहिए। कार्तिक माह में संतुलित आहार लेना चाहिए। खीर का सेवन करें।

सुबह पवित्र नदियों में स्नान करें और सूर्यास्त के बाद नदी किनारे दीपदान करें।

रोज सूर्यास्त के बाद तुलसी के पास दीपक जरूर जलाएं। ध्यान रखें शाम को तुलसी को स्पर्श न करें।

कार्तिक मास में सुबह जल्दी उठें और ध्यान करें। इस माह में किए गए मेडिटेशन से मन शांत होता है और सकारात्मकता बढ़ती है। निराशा दूर होती है।

कार्तिक मास में शिवलिंग पर जल चढ़ाएं और दीपक जलाकर ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जाप करें।