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  • The Coming Teej festival Ekadashi Of Aghan Will Be On 30th November, Pradosh And Shiva Chaturdashi Will Be On 2nd And Shanishchari Amavasya Will Be On 4th December.

आने वाले तीज-त्योहार:अगहन की एकादशी 30 नवंबर को, प्रदोष और शिव चतुर्दशी 2 को और 4 दिसंबर को रहेगी शनैश्चरी अमावस्या

2 महीने पहले
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  • 4 दिसंबर को होगा साल का आखिरी सूर्य ग्रहण, भारत में नहीं दिखेगा और इसका सूतक भी नहीं लगेगा

दिसंबर के पहले सप्ताह में अगहन महीने का कृष्ण पक्ष खत्म होकर शुक्ल पक्ष की शुरुआत हो जाएगी। अगहन महीने में तीर्थ स्नान और श्रद्धानुसार दान करने की परंपरा है। इस महीने भगवान विष्णु के साथ ही शिव पूजा का भी विशेष महत्व है। इसलिए उत्पन्ना एकादशी और उसके बाद प्रदोष व्रत, मासिक शिवरात्रि और अमावस्या पर्व खास रहेगा। इस सप्ताह के आखिरी में शनिवार को अमावस्या का शुभ संयोग होने से शनिश्चरी पर्व मनाया जाएगा। इस दिन साल का आखिरी सूर्य ग्रहण भी रहेगा। लेकिन भारत में नहीं दिखने पर इसका सूतक भी नहीं लगेगा। जिससे पूरे दिन स्नान-दान और पूजा-पाठ कर सकेंगे।

उत्पन्ना एकादशी (30 नवंबर)
30 नवंबर को अगहन महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी है। पद्म पुराण के मुताबिक इस दिन एकादशी तिथि उत्पन्न हुई थी। यानी एकादशी की शुरुआत हुई थी। इस तिथि पर भगवान विष्णु की विशेष पूजा और व्रत के साथ ही दान करने से हर तरह के पाप खत्म हो जाते हैं।

प्रदोष और शिव चतुर्दशी (2 दिसंबर)
मार्गशीर्ष महीने के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और चतुर्दशी तिथि गुरुवार को है। इसलिए प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि इसी दिन मनाई जाएगी। इस दिन शाम को प्रदोष पूजा और रात में शिव चतुर्दशी पर भगवान शिव की विशेष पूजा की जाएगी। इससे दो अलग अलग दिन व्रत नहीं रखना पड़ेगा।

शनैश्चरी अमावस्या (4 दिसंबर)
शनिवार को अमावस्या तिथि होने से शनिश्चरी अमावस्या का संयोग बनता है। इस योग में पितर चंद्रमा की कला का पान करते हैं। इसलिए ग्रंथों में इस संयोग को पर्व कहा गया है। इस दिन पितरों की संतुष्टि के लिए पूजा और तर्पण किया जाता है। मार्गशीर्ष महीने की अमावस्या पर किए श्राद्ध से पितर सालभर तक तृप्त हो जाते हैं।

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