रक्षाबंधन:आज ब्लू मून की रात, लेकिन ब्लू मून नीला नहीं पीला दिखाई देता है, आगे 2024 में दिखेगा ऐसा चंद्र

एक वर्ष पहले
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रविवार, 22 अगस्त को रक्षाबंधन है। आज सावन माह की पूर्णिमा है। इस पूर्णिमा पर दिखाई देना वाला चंद्र ब्लू मून कहलाएगा। इस संबंध में खगोल विज्ञान की विशेषज्ञ सारिका घारू ने बताया कि जब तीन महीने के एक सीजन में चार पूर्णिमा आती है तो तीसरी पूर्णिमा के चंद्र को ब्लू मून कहा जाता है। इसे ब्लू मून तो कहते हैं, लेकिन चंद्र नीला नहीं पीला दिखाई देता है।

आज से पहले 18 मई 2019 की रात में भी ब्लू मून दिखाई दिया था। सबसे लंबे दिन यानी 21 जून से दिन-रात बराबर होने की तारीख से 22 सितंबर की अवधि खगोल विज्ञान का एक सीजन है। इस खगोलीय सीजन में चार पूर्णिमा में से सावन माह की पूर्णिमा तीसरी है। आमतौर पर साल के प्रत्येक सीजन में केवल तीन पूर्णिमा होती हैं, लेकिन कभी-कभी एक सीजन में 4 पूर्णिमाएं भी आ जाती हैं।

एक अन्य खगोलीय विचारधारा के अनुसार अगर किसी एक अंग्रेजी महीने में दो पूर्णिमा आ जाती हैं तो दूसरी पूर्णिमा का चंद्र ब्लूमून कहलाता है। ऐसा 2020 में हुआ था जब 1 अक्टूबर की पूर्णिमा के बाद 31 अक्टूबर को भी पूर्णिमा आई थी।

इस पूर्णिमा पर चंद्र पीलापन लिए दिखाई देगा, ब्लू मून नाम है तो नीला नहीं दिखेगा। इस बार चंद्र के साथ सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह जूपिटर यानी गुरु ग्रह भी दिखाई देगा। ब्लूमून की पिछली घटना 18 मई 2019 को हुई थी। अब आगे 19 अगस्त 2024 को ब्लू मून दिखेगा।