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ज्योतिष गणना:साल का आखिरी विवाह मुहूर्त आज; 16 दिसंबर से शुरू होगा खरमास, अगला शुभ लग्न 15 जनवरी को

5 महीने पहले
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साल का आखिरी विवाह मुहूर्त 13 दिसंबर यानी आज है। फिर 16 दिसंबर को सूर्य देव धनु राशि में प्रवेश करेंगे और इसी के साथ धनुर्मास शुरू हो जाएगा। इसे खरमास भी कहा जाता है। ज्योतिष ग्रंथों के मुताबिक इस दौरान मांगलिक काम नहीं किए जा सकते। इसके बाद विवाह के लिए सीधे अगले साल जनवरी में मुहूर्त मिलेगा।

16 दिसंबर से शुरू होगा खरमास
पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र ने बताया कि 15 दिसंबर को सूर्य रात तकरीबन 3.55 पर धनु राशि में प्रवेश करेंगे। इस कारण 16 दिसंबर से खरमास लग जाएगा। सूर्य मकर संक्रांति यानी 14 जनवरी तक बृहस्पति की राशि में रहेंगे। शास्त्रों के अनुसार जब कभी सूर्य गुरु की राशि धनु में गोचर करते हैं तो इस अवधि में किसी भी तरह के मंगल कार्यों की मनाही रहती है।

अगले साल होली से पहले तक 10 मुहूर्त
अगले साल होली से पहले 10 विवाह मुहूर्त रहेंगे। होली से आठ दिन पहले होलाष्टक शुरू हो जाता है। इन दिनों में मांगलिक काम करने की मनाही होती है। होली के बाद 24 मार्च को बृहस्पति अस्त होने की वजह से मांगलिक कार्य बंद रहेंगे। इसके बाद सीधे संवत्सर 2079 यानी 17 अप्रैल को विवाह का मुहूर्त रहेगा।

जनवरी: 15, 20, 23, 27 और 29 तारीख

फरवरी: 5, 11, 18, 21 और 22 तारीख

खरमास में मांगलिक कामों की मनाही क्यों...
दरअसल, बृहस्पति मांगलिक कार्यों के कारक ग्रह हैं। धनु और मीन राशि बृहस्पति ग्रह की राशियां हैं। इनमें ग्रहराज सूर्य के प्रवेश करते ही खरमास दोष लगता है। ज्योतिष ग्रंथों में कहा गया है कि जब सूर्य की राशि में गुरु हो और गुरु की राशि में सूर्य संक्रमण कर रहा हो तो उसे गुर्वादित्य काल कहा जाता है। इस काल में सभी शुभ कामों की मनाही है। 16 दिसंबर को सूर्य ग्रह धनु राशि में प्रवेश करेगा। ऐसे में इस अवधि के दौरान शुभ कार्य नहीं किए जा सकेंगे।

विष्णु, देवगुरु की पूजा से लाभ
शास्त्रों के मुताबिक, खरमास के दौरान भगवान विष्णु की आराधना की जाए तो जीवन में रूके हुए कार्य पूर्ण होते हैं। सूर्य के अलावा देवगुरु बृहस्पति के मंत्रों का जाप करना भी लाभकारी माना गया है। नित्य मंदिर जाकर देव दर्शन करना भी फलदायी होता है।

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