साल का आखिरी शुभ लग्न 13 को:शादी के लिए सिर्फ 4 मुहूर्त; 16 से खरमास, फिर 15 जनवरी से शुरू होंगे विवाह

2 महीने पहले
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इस सीजन के अब सिर्फ 4 शुभ लग्न बचे हैं। इनमें 13 दिसंबर को इस साल का आखिरी विवाह मुहूर्त रहेगा। इसके बाद 16 दिसंबर से खरमास लग जाएगा। जिससे शादियों के लिए मुहूर्त नहीं रहेंगे। ज्योतिषियों के मुताबिक खरमास में विवाह और अन्य कोई भी शुभ मांगलिक काम नहीं किया जाता है। खरमास 15 जनवरी 2022 को खत्म होगा। इसलिए इसी दिन से फिर शादियां शुरू हो जाएंगी।

खर, मीन और चातुर्मास में नहीं होती शादियां
डॉ. मिश्र का कहना है कि ज्योतिष में किसी भी मांगलिक कार्य यानी खासतौर पर विवाह के लिए शुभ मुहूर्त को बहुत खास माना जाता है। ज्योतिष में शुभ मुहूर्त निकालने के लिए ग्रह नक्षत्रों की गणना की जाती है। इसी गणना के आधार पर कुछ समय ऐसा भी होता है, जिसे विवाह आदि के लिए शुभ नहीं माना जाता है। इसमें जुलाई से नवंबर तक होने वाले चातुर्मास के साथ ही खर और मीन मास को भी विशेष ध्यान में रखा गया है। इसलिए इन दिनों में शुभ मुहूर्त नहीं होने से विवाह और अन्य मांगलिक कामों पर रोक लग जाती है।

मान्यता: सूर्य के रथ की गति हो जाती है धीमी
लोक कथा के मुताबिक भगवान सूर्यदेव सात घोड़ों के रथ पर सवार होकर लगातार ब्रह्मांड की परिक्रमा करते हैं। सूर्यदेव को कहीं भी रुकने की इजाजत नहीं है, लेकिन रथ में जुड़े घोड़े लगातार चलने से थक जाते हैं। घोड़ों की ये हालत देखकर सूर्यदेव का मन द्रवित हो गया और वे घोड़ों को तालाब के किनारे ले गए, लेकिन तभी उन्हें अहसास हुआ कि अगर रथ रुका तो अनर्थ हो जाएगा।

तालाब के पास दो खर मौजूद थे। सूर्यदेव ने घोड़ों को पानी पीने और विश्राम के लिए वहां छोड़ दिया और खर यानी गधों को रथ में जोत लिया। गधों को सूर्यदेव का रथ खींचने में जद्दोजहद करने से रथ की गति हल्की हो गई और जैसे-तैसे सूर्यदेव इस एक मास का चक्र पूरा किया। सूर्य का रथ फिर अपनी गति में लौट आया।

विवाह के 11 शुभ नक्षत्रों में से 4 रहेंगे
डॉ. मिश्र का कहना है कि ज्योतिष ग्रंथों में विवाह मुहूर्त के लिए 11 शुभ नक्षत्र बताए गए हैं। इनमें उत्तराषाढ़, उत्तराभाद्रपद और रेवती नक्षत्र भी शामिल हैं। ये नक्षत्र 7, 11, 12 और 13 तारीख को रहेंगे। साथ ही विवाह के लिए शुभ मार्गशीर्ष महीने का शुक्लपक्ष भी रहेगा। इस तरह शादियों के लिए सिर्फ 4 दिन रहेंगे।

7 दिसंबर, मंगलवार - उत्तराषाढ़ नक्षत्र (विवाह के लिए 10 रेखा के लग्न) हैं। 11 दिसंबर, शनिवार - उत्तराभाद्रपद नक्षत्र (विवाह के लिए 9 रेखा के लग्न) 12 दिसंबर, रविवार - उत्तराभाद्रपद नक्षत्र (विवाह के लिए 9 रेखा के लग्न) 13 दिसंबर, सोमवार - रेवती नक्षत्र (विवाह के लिए 6 रेखा के लग्न)

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