पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

Install App

Ads से है परेशान? बिना Ads खबरों के लिए इनस्टॉल करें दैनिक भास्कर ऐप

मदर्स-डे:हजार पिताओं से ज्यादा गौरवपूर्ण है एक मां, ऋग्वेद से लेकर मनुस्मृति तक सबने लिखा है मां के लिए

भोपाल10 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • मदर्स-डे पर वेद और पुराणों में मां की महिमा देवताओं से भी ज्यादा
  • पंचतंत्र में लिखा है जिसके घर में मां नहीं उसके लिए वन में जाना ठीक

आज मदर्स डे है। मां के लिए वैदिक और पौराणिक काल के ग्रंथों ने जो कहा है, वो आज भी अक्षरशः वैसा ही है। वेदों ने माता को मानव जीवन में सबसे ऊंचा स्थान दिया है। उज्जैन के संस्कृत विद्वान डॉ. ऋषि तिवारी के मुताबिक वेदों ने माता को ही सबसे बड़ा दानी कहा है। वेदों से संहिताओं तक, वाल्मीकि रामायण से महाभारत तक, सारे ग्रंथों ने निर्विवाद रूप से माता को ही देवताओं के भी ऊपर माना है। पंचतंत्र में कहा गया है, माता यस्य गृहे नास्ति...अरण्ये तेन गंतव्यम् अर्थात जिस व्यक्ति के घर में माता नहीं हो, उसे तो वन में चले जाना ही उचित है। 

मदर्स-डे पर शास्त्रों और संस्कृत साहित्य में माता के लिए कही गई 10 सबसे खास बातें....

मनु स्मृति प्राचीन भारत की पहली स्मृति मानी जाती है, जो मनु महाराज द्वारा लिखी गई थी। सामाजिक व्यवस्था और मानव जीवन पर लिखी गई किताबों में इसका स्थान सबसे पहला है, मनु के द्वारा ही अयोध्या की स्थापना भी मानी जाती है।
मनु स्मृति प्राचीन भारत की पहली स्मृति मानी जाती है, जो मनु महाराज द्वारा लिखी गई थी। सामाजिक व्यवस्था और मानव जीवन पर लिखी गई किताबों में इसका स्थान सबसे पहला है, मनु के द्वारा ही अयोध्या की स्थापना भी मानी जाती है।
पद्मपुराण 18 महापुराणों में से एक माना जाता है। भगवान विष्णु की लीलाओं और उनके अवतारों की कथाओं पर आधारित इस ग्रंथ में संसार के सभी प्रमुख विद्याओं का सार तत्व है।
पद्मपुराण 18 महापुराणों में से एक माना जाता है। भगवान विष्णु की लीलाओं और उनके अवतारों की कथाओं पर आधारित इस ग्रंथ में संसार के सभी प्रमुख विद्याओं का सार तत्व है।
वाल्मीकि रामायण संस्कृत साहित्य का पहला महाकाव्य माना गया है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा इसे भगवान राम के रहते ही लिखा गया था, ये भी प्रमाणित है कि इसी रामायण को लव-कुश ने भगवान राम को सुनाया था। वाल्मीकि रामायण में भी सामाजिक व्यवस्था और मानव जीवन पर कई महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं।
वाल्मीकि रामायण संस्कृत साहित्य का पहला महाकाव्य माना गया है। महर्षि वाल्मीकि द्वारा इसे भगवान राम के रहते ही लिखा गया था, ये भी प्रमाणित है कि इसी रामायण को लव-कुश ने भगवान राम को सुनाया था। वाल्मीकि रामायण में भी सामाजिक व्यवस्था और मानव जीवन पर कई महत्वपूर्ण बातें कही गई हैं।
चार वेदों में चौथा वेद अथर्व माना जाता है। ये मूलतः अर्थशास्त्र से जुड़ा है। अर्थ इसी अथर्व से बना है। ये वेद मानव सभ्यता के विकास में बहुत सहायक है। इसकी शाखाओं और ऋचाओं में बहुत गूढ़ ज्ञान समाहित है।
चार वेदों में चौथा वेद अथर्व माना जाता है। ये मूलतः अर्थशास्त्र से जुड़ा है। अर्थ इसी अथर्व से बना है। ये वेद मानव सभ्यता के विकास में बहुत सहायक है। इसकी शाखाओं और ऋचाओं में बहुत गूढ़ ज्ञान समाहित है।
ऋग्वेद का वेदों में पहला स्थान है। वैदिक मान्यता ये भी है कि प्रारंभिक काल में ऋग्वेद ही एकमात्र वेद था। कुछ काल के उपरांत पाराशर ऋषि के पुत्र कृष्णद्वैपायन व्यास ने इसे चार भागों में बांटा, इसी से उनका नाम वेद व्यास पड़ा।
ऋग्वेद का वेदों में पहला स्थान है। वैदिक मान्यता ये भी है कि प्रारंभिक काल में ऋग्वेद ही एकमात्र वेद था। कुछ काल के उपरांत पाराशर ऋषि के पुत्र कृष्णद्वैपायन व्यास ने इसे चार भागों में बांटा, इसी से उनका नाम वेद व्यास पड़ा।
ऋग्वेद वैदिक स्तुतियों का एक संकलन है, यज्ञ पद्धति का प्रादुर्भाव भी इसी से हुआ माना जाता है। सामवेद में जो संगीतबद्ध ऋचाएं हैं, वो ऋग्वेद का ही अंश हैं।
ऋग्वेद वैदिक स्तुतियों का एक संकलन है, यज्ञ पद्धति का प्रादुर्भाव भी इसी से हुआ माना जाता है। सामवेद में जो संगीतबद्ध ऋचाएं हैं, वो ऋग्वेद का ही अंश हैं।
तैत्तरीय उपनिषद प्राचीन 108 उपनिषदों में से एक है। ये तैत्तरीय ब्राह्मणों द्वारा रचे होने के कारण इस नाम से जाना जाता है।
तैत्तरीय उपनिषद प्राचीन 108 उपनिषदों में से एक है। ये तैत्तरीय ब्राह्मणों द्वारा रचे होने के कारण इस नाम से जाना जाता है।
भास गुप्त काल के पूर्व या प्रारंभिक काल के लेखक माने जाते हैं। उन्होंने संस्कृत साहित्य में अपनी कई अनुपम कृतियां दी हैं। वे मूलतः नाटककार थे। कालिदास ने भी अपने साहित्य में कहीं-कहीं भास का उल्लेख किया है। इससे साफ होता है कि भास कालिदास के पहले थे।
भास गुप्त काल के पूर्व या प्रारंभिक काल के लेखक माने जाते हैं। उन्होंने संस्कृत साहित्य में अपनी कई अनुपम कृतियां दी हैं। वे मूलतः नाटककार थे। कालिदास ने भी अपने साहित्य में कहीं-कहीं भास का उल्लेख किया है। इससे साफ होता है कि भास कालिदास के पहले थे।
महाभारत 5000 साल से ज्यादा पुराना ग्रंथ माना जाता है। वेद व्यास ने इसकी रचना बद्रीनाथ धाम में व्यास गुफा में की थी। वेद व्यास ने इसे रचा था और उनके कहने पर भगवान गणेश ने इसे लिपीबद्ध किया था। महाभारत में एक लाख श्लोक हैं।
महाभारत 5000 साल से ज्यादा पुराना ग्रंथ माना जाता है। वेद व्यास ने इसकी रचना बद्रीनाथ धाम में व्यास गुफा में की थी। वेद व्यास ने इसे रचा था और उनके कहने पर भगवान गणेश ने इसे लिपीबद्ध किया था। महाभारत में एक लाख श्लोक हैं।

ये भी पढ़ें

अब हमें अपने बेटों के फोन नहीं आते, चिटि्ठयां भी नहीं मिलतीं, लेकिन मेरी तरह की मांएं जो सांस लेती हैं तो हर सांस में जी रहा होता है उनका बेटा

मुश्किल वक्त में मां ही सबसे मजबूत साबित होती है, कोरोना फैला और हिम्मत की सबसे ज्यादा जरूरत पड़ी तो बच्चों की ताकत बनकर लड़ीं दुनियाभर की मांएं

जो दिन ही खास है तो लाजमी है मां की खूबियों की एक बार फिर गिनती कर ली जाए

डॉक्टर की सलाह- इस वक्त मां से ज्यादा बात करें, इमोशनली सपोर्ट करें, उनकी पसंद का काम करें, ताकि वे पॉजिटिव रहें और डिप्रेशन में न आएं

खबरें और भी हैं...

    आज का राशिफल

    मेष
    Rashi - मेष|Aries - Dainik Bhaskar
    मेष|Aries

    पॉजिटिव- आज आपकी प्रतिभा और व्यक्तित्व खुलकर लोगों के सामने आएंगे और आप अपने कार्यों को बेहतरीन तरीके से संपन्न करेंगे। आपके विरोधी आपके समक्ष टिक नहीं पाएंगे। समाज में भी मान-सम्मान बना रहेगा। नेग...

    और पढ़ें