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मंदिर का क्लर्क बना करोड़पति:मकान जर्जर हो गया और लॉकडाउन में बहन की नौकरी भी चली गई थी, अब 300 रुपए के टिकट पर 12 करोड़ की लॉटरी खुली

एक वर्ष पहले
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अनंतु विजयन के अलावा 6 लोगों को दूसरा प्राइज मिला। इन्हें एक-एक करोड़ रुपए मिले।- फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
अनंतु विजयन के अलावा 6 लोगों को दूसरा प्राइज मिला। इन्हें एक-एक करोड़ रुपए मिले।- फाइल फोटो

कोच्चि के 24 साल के अनंतु विजयन की 12 करोड़ रुपए की लॉटरी लगी है। वे यहां के एक मंदिर में बतौर क्लर्क हैं। वे बताते हैं, 'मैंने ओनम बंपर लॉटरी का 300 रुपए का टिकट खरीदा था। मुझे अपने भाग्य पर थोड़ा यकीन भी था, क्योंकि इसके पहले मैंने 5000 रुपए की रकम जीती थी।' अनंतु को टैक्स कटने के बाद करीब 7.5 करोड़ रुपए मिलेंगे।

दरअसल, अनंतु के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। वह जितना कमाता है, उससे परिवार का गुजारा नहीं चल रहा। उसके पिता पेंटर हैं, बहन एक फर्म में एकाउंटेंट थी, लेकिन लॉकडाउन की वजह से नौकरी चली गई। इन दिनों पिता का काम भी कोई खास नहीं चल रहा है। अंनतु ने बताया कि रविवार शाम जब केरल सरकार ने ओनम बंपर लॉटरी 2020 के नतीजे घोषित किए तो मैं अवाक रह गया। 12 करोड़ का बंपर ईनाम मेरे नाम था।

केरल के इडुक्की में जन्में विजयन चंद मिनटों में करोड़पति हो गए, क्योंकि 12 करोड़ की लॉटरी में से टैक्स और अन्य चार्जेस काटने के बाद भी उसे 7.5 करोड़ रुपए मिलेंगे। अनंतु के अलावा भी 6 लोगों को दूसरा प्राइज मिला है। इन्हें एक-एक करोड़ रुपए मिलेंगे।

जर्जर मकान को ठीक कराने के लिए सरकारी मदद
अनंतु के परिवार में माता-पिता के अलावा दो भाई-बहन भी हैं। सामान्य मध्यमवर्गीय विजयन परिवार लॉकडाउन के कारण खासी तकलीफ के दौर से गुजर रहा है। कोई 5 दशक पुराने मकान की हालत खराब हो गई है। इसकी मरम्मत के लिए सरकार से मदद मांगी है, लेकिन अभी तक कोई सहायता नहीं मिली।

इन रुपए का क्या करेंगे यह तय नहीं है
अनंतु ने कहा है कि वह इन रुपयों का क्या करेगा, इसके बारे में अभी कुछ तय नहीं किया है। फिलहाल सुरक्षा की दृष्टि से उसने लॉटरी के टिकट को बैंक में रख दिया है।

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