• Home
  • Jharkhand News
  • Adityapur
  • पोता ने दादी को डायन बता जान से मारने की कोशिश की
--Advertisement--

पोता ने दादी को डायन बता जान से मारने की कोशिश की

महुलपानी पंचायत के आदिवासी टोला में डायन के संदेह में पोता ने अपनी सगी दादी को धारदार हथियार लेकर काटने दौड़ा दिया...

Danik Bhaskar | Mar 06, 2018, 02:00 AM IST
महुलपानी पंचायत के आदिवासी टोला में डायन के संदेह में पोता ने अपनी सगी दादी को धारदार हथियार लेकर काटने दौड़ा दिया था। इस घटना की जानकारी जब विधायक शशिभूषण सामाड को मिला तो वे गांव पहुंच कर मामला का सुलह कराया है। जानकारी के मुताबिक प्रखंड के पहुंलपानी पंचायत अंतर्गत आदिवासी टोला निवासी घनश्याम सामाड (60) के आंख में तीन माह पूर्व कुछ तकलीफ हुई थी। परिवार के सदस्यों द्वारा समय पर इलाज नहीं किया गया। इससे आंख में जख्म बढ़ गया। घनश्याम सामाड़ के बेटे तुराम सामाड आदित्यपुर में मजदूरी करता है। जिसके चलते तुराम सामाड ने पिता का इलाज आदित्यपुर के समीप एक गांव में झाड़फूंक से कराने लगा। परंतु परिवार के सदस्य डॉक्टर के पास नहीं गए। झाड़फूंक से घनश्याम सामाड का जख्म और बढ़ता गया। दो-चार दिन पूर्व जब तुराम सामाड़ ने पुन: झाड़फूंक के लिए आदित्यपुर गये, तो वहां झाड़फूंक करने वाले ओझा ने कहा कि तुम्हारे दादी ही, तुम्हारे पिता को कुछ कर दिया है। जिस कारण झाडफूंक व दवा काम नहीं कर रहा है और जख्म बढ़ते जा रहा है। सोमवार को आदित्यपुर से लौट कर तुराम ने अपनी दादी जिंगी सामाड (80) को जान से मारने के लिए धारदार हथियार लेकर दौड़ाने लगा।

गांव पहुंचकर ग्रामीणों के साथ बैठक करते विधायक।

विधायक ने आंख का इलाज कराने की दी सलाह

सूचना मिलते ही चक्रधरपुर विधायक श्री सामाड अपने कार्यकर्ताओं के साथ गांव पहुंचे और तुराम को समझाते हुए परिवार व ग्रामीणों के साथ बैठक की। बैठक की अध्यक्षता मुंडा बिरसा बांदिया ने किया। बैठक के दौरान विधायक श्री सामाड ने कहा कि झाड़फूंक से इलाज कराना बेवकूफी है शीघ्र अस्पताल या डॉक्टर के पास जाए। झाड़फूंक के नाम से ग्रामीण अंधविश्वास ना करे। इस दौरान परिजनों को विधायक श्री सामाड ने सहायता राशि दिया। इलाज को अनुमंडल अस्पताल भेजा । इस मौके पर बिरसा मुंडा आदि मौजूद थे।