बलियापुर

  • Home
  • Jharkhand News
  • Baliyapur
  • जनप्रतिनिधियों एवं राज्य सरकार की अनदेखी के कारण नहीं बन पाई बालिचिरका की जर्जर सड़क
--Advertisement--

जनप्रतिनिधियों एवं राज्य सरकार की अनदेखी के कारण नहीं बन पाई बालिचिरका की जर्जर सड़क

बलियापुर के बालिचिरका आदिवासी ग्राम के ग्रामीण सरकार एवं जनप्रतिनिधि के अनदेखी के कारण आजादी के समय से जर्जर...

Danik Bhaskar

Jul 14, 2018, 02:00 AM IST
बलियापुर के बालिचिरका आदिवासी ग्राम के ग्रामीण सरकार एवं जनप्रतिनिधि के अनदेखी के कारण आजादी के समय से जर्जर सड़क पर चलने को विवश हैं। आदिवासी ग्रामीण सरकारी जनप्रतिनिधि को कोसते हुए स्वयं श्रमदान कर प्रति वर्ष बरसात के पहले मोदीडीह बालिचिरका ग्राम के 2 किलोमीटर जर्जर सड़क की मरम्मत कार्य कर आवागमन करते हैं। ग्रामीण आदिवासी महिलाओं ने कहा कि सरकार व जनप्रतिनिधि की आदिवासियों के विकास के प्रति यही कार्यशैली रहा तो बालिचिरका आदिवासी ग्राम कभी भी हंगामा कर सकते हैं।

जोड़िया पर नहीं बन पाया पुल:

परसबनिया पंचायत के बालिचिरका ग्राम आदिवासियों की आबादी करीब 1000 की है। बालिचिरका ग्राम को जोड़ने वाली मोदीडीह बालिचिरका एवं बालिचिरका से पहाड़ी गोड़ा सड़क दो किलोमीटर सड़क काफी जर्जर है तथा बालीचिरका से सीधा बनी सड़क को जोड़ने वाली जोरिया में पुल नहीं है।

बलियापुर मोदीडीह बालिचिरका की जर्जर सड़क को श्रमदान करते

बालिचिरका के ग्रामीण श्रमदान कर मरम्मत करते हैं जर्जर सड़क की

अब तो एम्बुलेंस भी नहीं आती है: तीन दशक पूर्व उक्त सड़क में पत्थर कि रोड़ी बिछाकर छोड़ दिया गया है। मानो आदिवासियों को काले पानी की सजा दी गई हो। बालिचिरका ग्राम में कोई वाहन व एंबुलेंस प्रसव पीड़ा एवं बीमार स्थिति में भी नहीं आते हैं। ग्राम में कोई आदिवासी वैवाहिक संबंध जोड़ने में भी हिचकिचाते हैं।

बीसीसीएल ने गोद लिया था बालिचिरका ग्राम को : आजादी से लेकर झारखंड अलग राज्य के 18 वर्ष तक सिर्फ आदिवासियों को विकास के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला है। आदिवासी ग्रामीणों का कहना है कि 6 वर्ष पूर्व बालिचिरका ग्राम बीसीसीएल एरिया 10 के जीएम ने गोद लिया था तथा ग्राम की मूलभूत विकास सुविधा देने की बातें कही थी। आदिवासी इसकी जानकारी लेने जाते है तो अधिकारी कहते हैं कि योजना बनाने के लिए भेजी गई हैं।

क्या कहते हैं ग्रामीण : राजेंद्र हेंब्रम, सुनील मुर्मू, सुनील मुर्मू, विमला देवी, शीला देवी, साधना देवी, गीता देवी, बुधनी देवी, मंगली देवी आदि महिलाओं का कहना है कि सरकार और जनप्रतिनिधि, आदिवासियों के विकास के प्रति सचेत नहीं है।

सड़क निर्माण पंचायत स्तर से संभव नहीं है : मुखिया परसबनिया पंचायत पेमिया देवी का कहना है कि उक्त सड़क पंचायत स्तर से संभव नहीं है। मैने इस संबंध में वरीय अधिकारियों को भी लिख दिया है।

जिला को भेजा जाएगा प्रस्ताव

बीडीओ धीरज प्रकाश ने ने कहा कि सड़क की प्रस्ताव जिला में भेजा जाएगा। प्रयास होगा कि जल्द से जल्द इस सड़क का मरम्मत कार्य हो जाए।

Click to listen..