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कुआं सूखा, चुआंड़ी खोद कर अपनी प्यास बुझा रहे हैं ग्रामीण

अरसली उत्तरी पंचायत के खरिहानी टोले में पानी की घोर किल्लत से लोग हलकान हो रहे है। भीषण गर्मी के कारण कुआं नदी नाले...

Bhaskar News Network | Last Modified - Jun 02, 2018, 02:05 AM IST

कुआं सूखा, चुआंड़ी खोद कर अपनी प्यास बुझा रहे हैं ग्रामीण
अरसली उत्तरी पंचायत के खरिहानी टोले में पानी की घोर किल्लत से लोग हलकान हो रहे है। भीषण गर्मी के कारण कुआं नदी नाले सूख जाने के चलते उक्त टोले के ग्रामीण ख़रीहरी नदी में चुआंड़ी खोद कर अपनी प्यास बुझाते है। बताते चले कि खरिहानी नदी के सटे उक्त टोले में लगभग 25 वर्षों से निवास करने वाले लोग अभी तक सिर्फ कुआं की पानी पीकर अपना प्यास बुझाते हैं। ग्रामीण रहमुद्दीन अंसारी, हजरत अली, लखन बिहार, अली हुसैन, इमामुद्दीन अंसारी, रहमान अंसारी, मोइनुद्दीन अंसारी, कृष्णा बियार, छेदी बियार, गुलशन बीबी, हसीना बीवी, जैतून बीवी ,सबीना बीवी ,सुनीता देवी, प्रमिला देवी समेत अन्य लोगों ने बताया कि यहां पर लगभग 12 घर हैं। जिसमें लगभग 100 की जनसंख्या में महिला बच्चे, वृद्ध रहते हैं। हम लोग गर्मी, जाड़े और बरसात में भी कुआं की पानी पीकर से पानी अपनी प्यास बुझाते है। इस वर्ष भीषण गर्मी की वजह से कुआं का पानी सूख गया। इसके चलते हम लोग अपनी प्यास बुझाने के लिए नदी में गड्ढा खोदकर उसी से पानी ले जाते है, और अपनी व माल मवेशियों को भी पानी प िलाते है।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि कुआं के पानी पीने से इस टोले के लोग प्रायः बीमार पड़ जाते हैं। बच्चे बूढ़े सहित सभी सर्दी खांसी जैसी बीमारी हम लोगों को होती रहती है। पीने की शुद्ध पेयजल हेतु चापाकल लगवाने के लिए हम लोग अपने मुखिया के पास दो से तीन बार गए। इसका उन्होंने आश्वासन भी दिया था। परंतु अभी तक उक्त टोले में चापाकल नहीं लगाई है। वही 70 वर्षीय महिला जैतून बीबी यानी दुखड़ा सुनाते हुए कहा कि पानी लेने मुझे भी नदी में जाना पड़ता है ।

पूछे जाने पर बताया कि 5 बेटा और एक दर्जन पोता पोती है, पर कोई साथ नहीं देता। पानी पीने व नहाने के लिए नदी में पानी लेने जाना पड़ता है। जब ऐसी जानकारी समाजसेवी सह ग्रामीणों को मिले तो वहां विनोद चंद्रवंशी, रविंदर शर्मा, सुजीत कुमार, सुदामा विश्वकर्मा, दिलीप कुमार,उदय उजाला, उदय गुप्ता, मनोज सोनी सहित काफी संख्या में लोग पहुंच कर नदी से पानी ले जाने का नजारा देख कर दंग रह गए और कहा ऐसी जगह पर चापाकल की आवश्यकता है। इसमें मुखिया को दोषी बताया।

पानी लेकर जाते लोग।

दूषित पानी लेकर जाने का कोशिश में वृद्ध महिला।

दो दिन के अंदर चापाकल लगा देंगे : बीडीओ

डीसी हर समीक्षा बैठक में अफसरों को पेयजल संकट से निपटने के निर्देश दे रही हैं। लेकिन संबंधित अफसर, मुखिया जल संकट ग्रस्त गांव मुहल्ले का मुंह देखने भी नहीं जा रहे। नतीजा गांव के लोग पानी पीने व किसी अन्य काम के लिए नदी में गढ़ा कर पानी लेकर ऊंची रास्ते से ढो रहे हैं। इस मामले को लेकर बीडीओ विशाल कुमार ने कहा कि ऐसी अभी तक किसी ग्रामीण ने जानकारी नहीं दी थी। कहा कि दो दिन के अंदर में वहां पर चापाकल लगवा दिया जाएगा ।

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