• Hindi News
  • Jharkhand
  • Bokaro
  • पूरे जिले में हैं तीन सर्जन, एक साल में मात्र 32 ऑपरेशन किए
--Advertisement--

पूरे जिले में हैं तीन सर्जन, एक साल में मात्र 32 ऑपरेशन किए

Bokaro News - अशोक विश्वकर्मा

Dainik Bhaskar

Mar 01, 2018, 02:05 AM IST
पूरे जिले में हैं तीन सर्जन, एक साल में मात्र 32 ऑपरेशन किए
अशोक विश्वकर्मा
एक तरफ सदर अस्पताल बोकारो में जहां महिलाओं की सर्जरी के लिए निजी महिला डॉक्टरों का सहारा लिया जा रहा है। वहीं दूसरी तरफ अनुमंडलीय अस्पताल चास जहां सर्जन हैं। लेकिन वहां ऑपरेशन नाम मात्र के हो रहे हैं। एसडीएच चास में कार्यरत महिला सर्जन से सदर अस्पताल बोकारो में भी सीजेरियन का काम लिया जा सकता है। पर विभागीय लापरवाही के कारण जहां सर्जरी के लिए महिलाएं कम आती हैं। वहीं महिला सर्जन पदस्थापित कर दिया गया है, पर सदर अस्पताल में अधिक संख्या में महिलाएं सीजेरियन के लिए पहुंचती है। यहां सर्जन है ही नहीं। यहां प्राइवेट महिला डॉक्टर से सीजेरियन कराया जाता है।

आठ माह पहले जुलाई महीने में जिले के अनुमंडलीय अस्पताल चास, अनुमंडलीय अस्पताल फुसरो और रेफरल अस्पताल जैनामोड़ में सर्जन पदस्थापित किए गए। पर इन तीन सर्जन में सबसे खराब परफारमेंस रेफरल अस्पताल जैनामोड़ का है। जहां पर सर्जन होते हुए भी मात्र चार सर्जरी ही हुई है। उसके बाद अनुमंडलीय अस्पताल चास में 11 और अनुमंडलीय अस्पताल फुसरो में 17 हुए हैं। ऐसे परफारमेंस तो तीनों अस्पताल का ही खराब है, पर उनमें से सबसे अधिक खराब स्थिति जरीडीह रेफरल अस्पताल की है।

सदर अस्पताल में ऑपरेशन करते चिकित्सक की फाइल फोटो।

ऑन कॉल में सर्जरी के लिए बुलाया जाता है : डॉ रीना

एसडीएच चास में आठ माह पहले ही पदस्थापन हुई डॉ रीना ने बताया कि आपात स्थिति में सर्जन को ऑन कॉल में सर्जरी के लिए बुलाया जाता है। आठ माह में आज तक एक भी ऑन कॉल नहीं किया गया है। जब क्षेत्र से मरीज भेजे जाएंगे तभी तो सर्जरी करेंगे। अभी तक कुल 11 सर्जरी किए हैं। मेरे साथ एक गायनेकोलाजिस्ट भी सर्जरी में रहती हैं।

सीजेरियन के मरीजों को नहीं भेजती हैं एएनएम व सहिया : उपाधीक्षक

सीजेरियन के लिए यहां पर मरीजों को भेजने का दायित्व एएनएम और सहिया को दी गई है। पर वे मरीजों को प्रोत्साहित कर यहां भेजती ही नहीं है। जहां तक संसाधन का सवाल है तो अगर मरीज को एसडीएच से रेफर भी करना होता है, तो वह उसे सदर अस्पताल में रेफर किया जाता है। पर एसडीएच से रेफर होने के बाद मरीज सदर अस्पताल के बजाय किसी निजी नर्सिंग होम में चले जाते हैं। एसडीएच से सदर के बीच मरीज के आते आते अस्पताल ही बदल जाता है। यह काम पैसे की लालच में कुछ स्वास्थ्य कर्मी कर रही हैं। 

डॉ डीके सिंह, प्रभारी उपाधीक्षक, एसडीएच चास।

सभी की रिपोर्ट भेजी गई है

स्वास्थ्य मंत्रालय से सर्जरी नहीं के बराबर करने वाले डॉक्टरों के खिलाफ स्पष्टीकरण भी भेजा गया है। जिसमें कहा गया है कि आपके सर्जरी में रूचि नहीं लेने के कारण क्यों न आपका वेतन रोक दिया जाए। उसके बाद से ही यहां के तीनों सर्जन का रिपोर्ट प्रत्येक माह भेजने का निर्णय लिया गया है। 

डॉ सोवान मुर्मू, सिविल सर्जन, बोकारो।

X
पूरे जिले में हैं तीन सर्जन, एक साल में मात्र 32 ऑपरेशन किए
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..