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जो अभिभावक नहीं वह 20 साल तक बने रहे स्कूल के अध्यक्ष, विवाद के बाद हटाया, फिर वही गलती

विपिन मुखर्जी

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 01, 2018, 02:05 AM IST

जो अभिभावक नहीं वह 20 साल तक बने रहे स्कूल के अध्यक्ष, विवाद के बाद हटाया, फिर वही गलती
विपिन मुखर्जी जैनामोड़

कसमार प्रखंड के प्लस टू उवि दांतू के विद्यालय प्रबंधन एवं विकास समिति (एसएमडीसी) के पुनर्गठन के मामला तूल पकड़ता जा रहा है। स्कूल के एसएमडीसी गठन को लेकर पहले से विवाद रहा है। 20 साल से केदार नाथ नायक अध्यक्ष थे। उन्हें इसलिए हटाया गया कि उनका बच्चा स्कूल में नहीं पढ़ता है। वह डाककर्मी सरकारी पद पर रहते होते हुए अध्यक्ष बने थे। पुनर्गठन में शिव शंकर नायक को अध्यक्ष बनाया गया। अब आरोप लग रहा है कि उनका बच्चा भी स्कूल में नहीं पढ़ता है। किसी दस्तावेज में अभिभावक के तौर पर उनका हस्ताक्षर है ही नहीं। आरोप है कि स्कूल को मिले 16 लाख रुपए और +2 का दर्जा मिलने के बाद स्कूल भवन और अन्य काम के लिए मिलने वालों करोड़ों रुपए को देखते हुए यहां एसएमडीसी का खेल चल रहा है।

स्कूल को मिले 16 लाख रुपए व प्लस टू का दर्जा मिलने के बाद करोड़ों के भवन बनाने लिए शुरू हुआ एसएमडीसी के पुनर्गठन का खेल

बन रहा विद्यालय भवन।

दो मुखिया की शिकायत पर डीईओ ने करवाया पुनर्गठन

उवि दांतू के एसएमडीसी मामले पर पंचायत की मुखिया मंजू बाला देवी एवं सोनपुरा पंचायत की मुखिया मालती देवी समेत अन्य ग्रामीणों की शिकायत के आलोक में जिला शिक्षा पदाधिकारी महीप कुमार सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक बासुदेव नायक से दिसंबर 2017 में तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा था। जवाब से असंतुष्ट डीईओ ने तत्काल समिति का पुनर्गठन करने का आदेश दिया। 31 जनवरी 2018 में कार्यकाल पूरा होने के बाद एसएमडीसी का पुनर्गठन होना था, लेकिन ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की शिकायत पर डीईओ ने 5 जनवरी को ही एसएमडीसी के पुनर्गठन का आदेश दिया। इसके बाद 27 जनवरी को समिति का पुनर्गठन किया गया। जिसमें शिव शंकर को अध्यक्ष बनाया गया।

शिवशंकर का भतीजा पढ़ता है स्कूल में

पुनर्गठित समिति में शिव शंकर को अध्यक्ष, पदेन सचिव स्कूल के प्रधानाध्यापक वासुदेव कुमार के अलावा सदस्यों में बीईईओ पुष्पा कुमारी, अभिभावक प्रतिनिधि के रूप में सुरेश प्रसाद नायक, माता समिति के सदस्यों में किरण देवी, गीता देवी एवं सुमित्रा देवी, अल्पसंख्यक वर्ग से अभिभावक में मुबारक अंसारी, एससी-एसटी वर्ग से अभिभावक सदस्य के रूप में उपेंद्र करमाली, उवि दांतू के शिक्षक प्रतिनिधि के रूप में हेमलता तिग्गा व सरिता कुमारी, पोषक क्षेत्र के दो मवि के प्रधानाध्यापकों में मवि दांतू से राकेश गुप्ता व उत्क्रमित मवि कमलापुर से जयप्रकाश नायक समेत कुल 14 सदस्यों को चुना गया। बताया गया कि नवनिर्वाचित अध्यक्ष शिव शंकर नायक का एक भी बच्चा स्कूल में नहीं पड़ता है बल्कि उनका भतीजा प्रभाकर नायक पड़ता है। जिनके माता-पिता ही अभिभावक हैं। चाचा को अभिभावक बना कर अध्यक्ष बनाया गया। इस बात को स्कूल प्रबंधन भी दबी जुबान से गलत मान रहा है, लेकिन ग्रामीण और जनप्रतिनिधियों के फैसले के आगे वह चुप हैं।

+2 उच्च विद्यालय दांतू।

स्कूल के दस्तावेज में अभिभावक नहीं हैं शिवशंकर

अध्यक्ष का भतीजा प्रभाकर नायक यहां अध्ययनरत है, प्रभाकर के माता-पिता भी हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों व अभिभावकों समेत ग्रामीणों के सामूहिक फैसला से प्रभाकर के चाचा शिवशंकर नायक को अध्यक्ष बनाया गया। स्कूल प्रबंधन को मानना मजबूरी है। स्कूल के किसी भी दस्तावेज में बतौर अभिभावक के रूप में नवनिर्वाचित अध्यक्ष शिव शंकर नायक के हस्ताक्षर नहीं हैं।  वासुदेव नायक, प्रधानाध्यापक, उवि दांतू

अगर शिकायत मिली तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी : डीईओ

स्कूल के दस्तावेजों में बच्चा का अभिभावक के रूप जिसका हस्ताक्षर है, वही अभिभावक होते हैं, नियमतः वही स्कूल के समिति का पदाधिकारी या सदस्य बन सकते हैं। स्कूल के दस्तावेजों में किए गए हस्ताक्षर के आलोक में ही अभिभावक होने की बात की पुष्टि की जा सकती है। इस तरह की शिकायत आपसे ही मिल रही है। अगर शिकायत मिली तो जांचोपरांत कार्रवाई की जाएगी।  महीप कुमार सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी बोकारो

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Web Title: जो अभिभावक नहीं वह 20 साल तक बने रहे स्कूल के अध्यक्ष, विवाद के बाद हटाया, फिर वही गलती
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