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सिर के ऊपर दो साल से मौत की तरह झूल रहा 11 हजार वोल्ट बिजली का तार

गांव के रास्ते के ऊपर झूलता बिजली का तार। ये है मामला बनसिमली गांव के बगल से ही गरगा नदी गुजरती है। यहां के...

Dainik Bhaskar

Feb 02, 2018, 02:10 AM IST
सिर के ऊपर दो साल से मौत की तरह झूल रहा 11 हजार वोल्ट बिजली का तार
गांव के रास्ते के ऊपर झूलता बिजली का तार।

ये है मामला

बनसिमली गांव के बगल से ही गरगा नदी गुजरती है। यहां के ग्रामीण नदी में रोजाना नहाने और कपड़े धोने के लिए जिस रास्ते से जाते हैं, वहां बीच में दो बिजली के पोल के सहारे 1100 वोल्ट के हाई टेंशन तार जमीन से काफी कम ऊंचाई पर झूल रहे हैं। ग्रामीण अपनी जान खतरे में डालकर इस रास्ते से गुजरते हैं। ग्रामीण बताते हैं कि दो वर्षों से यह स्थिति बनी हुई है। दो वर्ष पूर्व यहां आंधी में तार टूट कर गिर गया था। इसके बाद विभाग के लोगों ने जैसे तैसे तार जोड़कर छोड़ दिया, उस समय से ही ये तार खतरनाक तरीके से झूल रहे हैं। इस रास्ते से ग्रामीणों के अलावा मवेशी भी गुजरते हैं। तार की ऊंचाई इतनी कम है कि राह चलता आदमी अगर अपने हाथ ऊपर करे तो वह सीधे तार के संपर्क में आ सकता है।

तुरंत ठीक करवाते हैं : ईई

ऐसी शिकायत तो मेरे पास पहुंची नहीं है। आपके माध्यम से जानकारी मिली। इसको तुरंत दिखवाते हैं। कनीय अभियंता को भेजकर तुरंत ठीक करवाते हैं। 

ओम शंकर मेहता

कार्यपालक अभियंता, चास

क्या कहते हैं ग्रामीण

भेंदा तेली : गांव के लोग रोजाना इसी रास्ते से आते जाते हैं। डर तो लगता है मगर क्या करें सुनता कौन है हम लोगों के गांव में कई जगह ऐसी स्थिति बनी हुई है। ग्रामीण इससे भयभीत हैं। विभाग की लापरवाही का ही नतीजा है। इससे कभी भी जान-माल की क्षति हो सकती है।

मुकेश कुमार गोप : हमारा गांव न तो पंचायत में है और ना ही निकाय में, ऐसे में हमारी कौन सुनेगा। ग्रामीणों ने एक बार विभाग के अधिकारियों को इसकी सूचना दी थी। मगर आज तक इसका निदान नहीं हुआ। हमारी आवाज उठाने वाला भी कोई नहीं है। गांव में कई जगह ऐसे हालात हैं।

राखो हरि गोप : गांव की महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे इसी रास्ते से नदी जाते हैं। डर तो बना रहता है, मगर करें भी तो क्या करें। हम लोग अपने स्तर से उसे ठीक भी नहीं करा सकते हैं। विद्युत विभाग बेहतर काम करने का दावा करता है, लेकिन गांव में विद्युतीकरण का हाल खुद ही देख लें।

आनंद गोप : हमलोगों ने तो अपनी उम्र गुजार दी। अब हमारी अगली पीढ़ी भी विभाग की इन समस्याओं को झेल रहा है। गांव से होकर शहर में बिजली जा रही है। मगर गांव में जिस व्यवस्था के साथ बिजली के तार ले जाए जा रहे हैं, वह खतरनाक है। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

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