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प्रकृति की रक्षा नहीं करेंगे तो धरती पर जीवन समाप्त हो जाएगा: डॉ. रतनलाल

बेरमो कोयलांचल के विभिन्न स्थानों पर प्रकृति पर्व सरहुल मनाया गया। तांतरी दक्षिणी पंचायत के तोताडीह व परसाडीह,...

Bhaskar News Network | Last Modified - Mar 04, 2018, 02:10 AM IST

प्रकृति की रक्षा नहीं करेंगे तो धरती पर जीवन समाप्त हो जाएगा: डॉ. रतनलाल
बेरमो कोयलांचल के विभिन्न स्थानों पर प्रकृति पर्व सरहुल मनाया गया। तांतरी दक्षिणी पंचायत के तोताडीह व परसाडीह, पिछरी पंचायत के खेढ़ो व फुसरो नप के ताराबेड़ा में सरहुल पर्व मनाया गया। तोताडीह में आयोजित मुख्य समारोह में आदिवासी संथाल डेवलमेंट सोसाइटी के संरक्षक सह संत उपेल अस्पताल के निदेशक व झामुमो नेता डॉ. रतनलाल मांझी ने कहा कि अादिवासी प्रकृति के पुजारी होते हैं। इनका अनुशरण आज पूरा विश्व कर रहा है। क्योंकि सभी को पता चल चुका है कि प्रकृति के बगैर मानव का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा। इसलिए अब सभी को ध्यान देकर प्रकृति की रक्षा करने की जरूरत है। ओजोन परत में छेद हो चुकी है, अब भी नहीं चेते तो स्थिति भयावह होगी। समारोह को झामुमो जिलाध्यक्ष हीरालाल मांझी, झाविमो केंद्रीय कार्यसमिति सदस्य मंतोष सोरेन, जिप सदस्य सुनीता टुडू, आदिवासी डेवलपमेंट सोसाइटी के अध्यक्ष रातुराम मरांडी, झामुमो बोकारो नगर सचिव मनोज हेम्ब्रम, पिछरी सरहुल पूजा समिति अध्यक्ष मुरली मरांडी, अधिवक्ता नरेश हांसदा, झामुमो नेता घुनू हांसदा, एलआईसी के डीओ जागो मांझी आदि लोगों ने संबोधित किया।

मौके पर कमेटी के अध्यक्ष बाबूलाल हांसदा, सचिव मनीलाल मरांडी, कोषाध्यक्ष महेंद्र मुर्मू सहित नेमचंद सोरेन, नरेश सोरेन, शनिचर हांसदा, दानियल मुर्मू, ज्योतिलाल सोरेन, देवचंद सोरेन, देवनाथ किस्कू, संजय हेम्ब्रम, नेमचंद सोरेन आदि मौजूद थे। पूजन कार्य नायके बाबा बढन मांझी ने कराया।

मांदर की थाप की नृत्य करतीं महिलाएं व युवतियां।

आदिवासी क्षेत्र ताराबेड़ा में सरहुल पर्व मनाया गया

फुसरो | आदिवासी बाहुल क्षेत्र ताराबेड़ा गांव में सरहुल धूमधाम से मनाया गया। यहां नायके हाड़ाम शिवलाल मांझी और दासो मांझी ने पूजा कराई। प्रसाद के रूप में खिचड़ी का वितरण महिला पुरुषों के बीच किया गया। यहां महिला पुरुषों ने मांदर की थाप पर नृत्य करते हुए एक दूसरे को रंग अबीर लगाकर सरहुल की बधाई दी। मौके पर जितेंद्र टुडू, राम टुडू, लखन टुडू, वीरेंद्र टुडू, मुकेश टुडू, राजेंद्र टुडू, सुरेंद्र टुडू, फूलचंद महतो, पारो देवी, सुनीता देवी, संगीता कुमारी, शांति देवी, करणी देवी, अधुनी देवी, मीना देवी, मंजू देवी, बसंती देवी, पूजा कुमारी, बबीता देवी, दिलीप मरांडी, गंगाराम मांझी आदि मौजूद रहे।

ताराबेड़ा गांव में सरहुल पर नृत्य करती युवतियां ।

गीत और नृत्य के बीच शुरू हुआ सरहुल पर्व

खेतको | पेटरवार प्रखंड अंतर्गत मायापुर पंचायत के ग्राम रोहर टोला भूयाडीह स्थित सरना स्थल में आदिवासी गीत नृत्य के साथ सरहुल पूजा हुई। मौके पर नायके सहदेव टुडू कुड़ाम नायके साधुचरण टुडू ने पूजा कराई। मुख्य अतिथि वार्ड सदस्य जितेन सोरेन ने मांदर की थाप पर महिलाओं के साथ नृत्य किया। मौके पर महावीर टुडू, सुंदरलाल सोरेन, भोला प्रसाद टुडू, परमेश्वर सोरेन, किसुन मुर्मू, महावीर मुर्मू, जीतराम सोरेन, लालचंद सोरेन, फूलचंद सोरेन, सुखलाल मरांडी, राजेश किस्कू, मुकेश सोरेन, चरकू सोरेन, राजाराम मुर्मू, सीताराम सोरेन आदि मौजूद रहे।

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Web Title: प्रकृति की रक्षा नहीं करेंगे तो धरती पर जीवन समाप्त हो जाएगा: डॉ. रतनलाल
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