--Advertisement--

अभिभावकों पर एडमिशन का बोझ एक बच्चे पर 10 से 15 हजार खर्च

शहर के सभी निजी स्कूलों में अप्रैल के पहले हफ्ते से अगली कक्षाओं में बच्चों के री एडमिशन का दौर शुरू होगा। बच्चों...

Dainik Bhaskar

Apr 01, 2018, 02:10 AM IST
अभिभावकों पर एडमिशन का बोझ एक बच्चे पर 10 से 15 हजार खर्च
शहर के सभी निजी स्कूलों में अप्रैल के पहले हफ्ते से अगली कक्षाओं में बच्चों के री एडमिशन का दौर शुरू होगा। बच्चों की फीस से लेकर एनुअल चार्ज सहित अन्य मदों में मनमाना वृद्धि का असर अभिभावकों के घरेलू बजट पर पड़ेगा। री एडमिशन के साथ-साथ स्कूल ड्रेस और किताब का खर्च अलग से वहन करना पड़ रहा है। जानकारों की मानें तो इस माह एक बच्चे पर 10 से 15 हजार रुपए अतिरिक्त खर्च अभिभावकों को वहन करना पड़ेगा। एक से अधिक बच्चे हैं, तो खर्च उसी अनुपात में बढ़ेगा। पिछले साल यह खर्च सात से 12 हजार रुपए तक था। वहीं इंट्री लेवल के बच्चों के दाखिल कराने पर औसतन 12 से 20 हजार रुपए तक खर्च आएंगे।

यूनिफॉर्म की कीमतों में 10 फीसदी वृद्धि

स्कूलों में अलग-अलग यूनिफॉर्म पहने का प्रावधान है। महंगाई के इस दौर में स्कूल यूनिफॉर्म की कीमतों में भी वृद्धि हुई है। कपड़ा व्यवसायी अमित प्रसाद ने बताया कि इस वर्ष यूनिफॉर्म की कीमत में दस प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। जीएसटी के कारण वृद्धि और अधिक हुई है। इसके अलावा सिलाई का खर्च अलग से लगेगा। ऐसे में अभिभावकों को पिछले साल की तुलना में 200 से तीन सौ रुपए अधिक खर्च करने पड़ेंगे।

किस मद में कितना आएगा खर्च

सामान खर्च रुपए में

किताब 2700-3700

एडमिशन 2500-5000

काॅपी व अन्य 1500-2000

यूनिफॉर्म 1700-2000

स्कूल बैग 500-700

जूता, मोजा और टाई 500-800

ट्यूशन फी 1200-1800 (प्रत्येक माह)

(आंकड़ा दुकानदारों से मिली जानकारी के मुताबिक)

क्या करें अभिभावक






3 अप्रैल को बुलाई गई है बैठक


री एडमिशन के नाम पर वसूली

निजी विद्यालयों में री-एडमिशन के नाम पर अलग से शुल्क लिया जाता है। हालांकि स्कूलों ने इसका नाम बदल दिया है। जबकि, नियमत: जिस विद्यालय में बच्चे पहले से पढ़ते आ रहे हैं उसमें री एडमिशन के नाम पर शुल्क नहीं लेना है। लेकिन स्कूल प्रबंधन परोक्ष रूप से इसे लागू रखते हुए सरकारी प्रावधान का उल्लंघन कर रहे हैं।

X
अभिभावकों पर एडमिशन का बोझ एक बच्चे पर 10 से 15 हजार खर्च
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..