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अब देशभर के फार्मासिस्ट अपने अलग मोनोग्राम का कर पाएंगे उपयोग

जिस तरह डॉक्टर मोनोग्राम का उपयोग करते हैं, वैसे ही अब देश के फार्मासिस्ट अपना अलग मोनोग्राम का उपयोग कर पाएंगे।...

Danik Bhaskar | Apr 01, 2018, 02:10 AM IST
जिस तरह डॉक्टर मोनोग्राम का उपयोग करते हैं, वैसे ही अब देश के फार्मासिस्ट अपना अलग मोनोग्राम का उपयोग कर पाएंगे। इस मोनोग्राम से फार्मासिस्ट की पहचान आसान हो जाएगी। फार्मासिस्ट फाउंडेशन ने अपनी अलग पहचान के लिए मोनोग्राम के लिए भारत सरकार के पास आवेदन किया था। इस पर मिनिस्ट्री ऑफ ट्रेड ने स्वीकृति प्रदान करते हुए मोनोग्राम जारी कर दिया है। इस मोनोग्राम की लॉन्चिंग के बाद फार्मासिस्ट फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय कुमार भारती ने बताया कि अब फार्मासिस्ट को भी राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल गई है। इससे अब डॉक्टर और फार्मासिस्ट की अलग-अलग पहचान आसानी से हो सकेगी। जिस चिकित्सकीय सलाह दे सकते हैं जहां डॉक्टर नहीं है, वहां अब इस मोनोग्राम वाले फार्मासिस्ट भी फार्माक्लीनिक में मरीजों को चिकित्सकीय सलाह दे सकते हैं। इस परिस्थिति में अनिवार्य शर्त यह है कि फार्मासिस्ट किसी भी प्रकार से डॉक्टर की तरह प्रिप्क्रीप्शन नहीं लिख सकते हैं। हां, आपात स्थिति में वह मरीज को बता जरूर सकते हैं। जहां अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र नहीं है, वहां मरीज को दवा की जानकारी दे सकते हैं।

मिनिस्ट्री ऑफ ट्रेड ने जारी किया पत्र

वेबसाइट पर मोनोग्राम लॉन्च

फार्मासिस्ट फाउंडेशन बोकारो के जिला अध्यक्ष समीम ने बताया कि भारत सरकार से स्वीकृति मिलने के बाद संस्था ने इस मोनोग्राम को अपनी वेबसाइट पर लॉन्च कर दिया है। इस मोनोग्राम को फार्मासिस्ट फाउंडेशन डॉट ओआरजी पर आसानी से देखा जा सकता है।

मिनिस्ट्री ऑफ ट्रेड से स्वीकृति

दुनिया के कई देशों में फार्मासिस्ट के लिए अलग मोनोग्राम है। भारत में फार्मासिस्ट के लिए कोई मोनोग्राम नहीं था। आवेदन के बाद मिनिस्ट्री ऑफ ट्रेड ने पांच सदस्यीय कमेटी बनाकर फार्मासिस्ट फाउंडेशन से मोनोग्राम का प्रारूप मांगा था। इस कमेटी ने मोनोग्राम का प्रारूप तैयार कर सरकार को सौंपा। इसे मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई। इस स्वीकृति के बाद अब फार्मासिस्ट भी फार्मा क्लीनिक में मरीजों को चिकित्सकीय सलाह दे सकेंगे। इस चिकित्सकीय सलाह के एवज में वे मरीज से फीस ले सकते हैं।