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पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को अपनानी होगी पुरानी सोच : संजय

पर्यावरण के संरक्षण में दैनिक जीवन कार्यशैली के साथ पुरानी सोच व रहन सहन अपनाएं। यह कहना है झारखंड प्रांत खादी...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 02:50 AM IST
पर्यावरण संरक्षण के लिए लोगों को अपनानी होगी पुरानी सोच : संजय
पर्यावरण के संरक्षण में दैनिक जीवन कार्यशैली के साथ पुरानी सोच व रहन सहन अपनाएं। यह कहना है झारखंड प्रांत खादी ग्रामोद्योग के अध्यक्ष संजय सेठ का। वे सेक्टर तीन स्थित शॉपिंग सेंटर में सुरेंद्र कुमार पाण्डेय की अध्यक्षता में आयोजित स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान के संस्थापक पं गौरी शंकर ओझा की पुण्यतिथि सह पर्यावरण मित्र दिवस कार्यक्रम को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बढ़ रहे प्रदूषण पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के कार्य का संपादन करने के लिए पुरानी सोच और रहन सहन को अपनाने की आवश्यकता है। विशिष्ट अतिथि विरंची नारायण ने कहा कि अगर अभी भी पर्यावरण के प्रति सचेत नहीं हुए तो आने वाली पीढ़ी कभी माफ नहीं करेगी। मुख्य वक्ता कोयलांचल विश्वविद्यालय के उपकुलपति डीके सिंह ने पर्यावरण के संरक्षण में सभी लोगों की सहभागिता आवश्यक बतायी। संस्थान के सचिव शशिभूषण ओझा ने कहा कि पर्यावरण के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विगत दस वर्ष से पं. गौरी शंकर ओझा की स्मृति में प्रांतीय स्तर पर पुरस्कारों का वितरण किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि पर्यावरण के संरक्षण में यह संस्थान पूरे तन मन और धन से लगा हुआ है। इस मौके पर पर्यावरण के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। जिसके तहत पर्यावरण मित्र ट्रॉफी का प्रथम सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार चंद्रपति यादव, श्रेष्ठ पुरस्कार वीपी दूबे रांची तथा विशिष्ट पुरस्कार कांदोनी सोरेन पूर्वी सिंहभूम को दिया गया। इस मौके पर रघुवर प्रसाद, विष्णु शंकर मिश्रा, रमण ठाकुर आदि उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में मौजूद संजय सेठ, सुरेंद्र पाण्डेय व अन्य।

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