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पत्नीहंता को फास्ट ट्रैक कोर्ट ने सुनाई सात साल की सजा

जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सह फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को दहेज हत्या के साढ़े सात साल पुराने मामले में पति...

Dainik Bhaskar

Feb 01, 2018, 03:00 AM IST
जिला एवं सत्र न्यायाधीश द्वितीय सह फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बुधवार को दहेज हत्या के साढ़े सात साल पुराने मामले में पति नीरज कुमार सिंह को सात साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई। हजारीबाग के इचाक की रहने वाली गीता देवी की पुत्री निकिता की 21-22 जून 2010 की रात ससुराल में संदिग्ध मौत हो गई थी। लड़की की मां ने पति नीरज कुमार पर हत्या का आरोप लगाते हुए बीएस सिटी थाना में कांड संख्या 219/10 के तहत प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसके अनुसार निकिता की शादी 22 अप्रैल 2008 को बोकारो सेक्टर दो निवासी नीरज कुमार के साथ हुई थी। शादी में गीता के घरवालों ने अपने सामर्थ्य के अनुसार दहेज भी दिया। इसके बावजूद नीरज आए दिन निकिता के साथ मारपीट करता था। 21-22 जून 2010 की रात नीरज ने निकिता की बेरहमी से पिटाई की और उसकी हत्या कर फंदे पर लटका दिया। इस मामले में विशेष लोक अभियोजक आरके राय ने पैरवी की।

पिता के हत्यारे को सात

साल की सजा

बोकारो | फास्ट ट्रैक कोर्ट सह जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार की अदालत ने सुरेश की हत्या के अभियुक्त उनके पुत्र मुकेश हजाम को सात साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई। पांच हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी के अनुसार चंदनकियारी के सूतरी बेड़ा निवासी सुरेश हजाम को उसी के पुत्र मुकेश ने 12 फरवरी 2017 को मारपीट कर घायल कर दिया। आसपास के लोगों ने सुरेश को इलाज के लिए एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया, जहां चंदनकियारी पुलिस ने उनका फर्द बयान लिया। 21 फरवरी 2017 को सुरेश की मौत हो गई। चंदनकियारी पुलिस ने मुकेश पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज किया था। इसी में इसे सजा सुनाई गई है।

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