दस साल पहले चांदो में 10 लाख रुपए से बना बाजार शेड, लेकिन कभी नहीं लगा बाजार

Bokaro News - पेटरवार प्रखंड के चांदो पंचायत में 10 लाख की लागत से बने बाजार शेड पर आज तक बाजार नहीं लगा। इसका शिलान्यास राज्यपाल...

Bhaskar News Network

Jun 15, 2019, 06:20 AM IST
Bokaro News - a market shade made of 10 lakh rupees in chando ten years ago but never market
पेटरवार प्रखंड के चांदो पंचायत में 10 लाख की लागत से बने बाजार शेड पर आज तक बाजार नहीं लगा। इसका शिलान्यास राज्यपाल और उद्घाटन प्रधानमंत्री ने किया था। अब यह शेड और शौचालय झाड़ियों से पट चुका है।

10 साल पहले बना यह शेड अब उपयोगी भी नहीं रहा। जिस तामझाम के साथ लगभग एक एकड़ क्षेत्रफल में बाजार शेड बना था। उस हिसाब से शेड में बाजार लगाने के लिए किसी जिम्मेवार पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधियों ने दिलचस्पी नहीं दिखाई। अगर इसका उपयोग हुआ होता, तो यहां बाजार लगती और क्षेत्र का रौनक बढ़ता, वहीं किसान अपनी फसल बेचते कई फेरीवाला रोजगार भी कर सकता था। लेकिन यह बाजार शेड अब सांप- बिच्छुओं का बसेरा बन चुका है। नतीजतन चांदो का साप्ताहिक बाजार प्रत्येक सोमवार को प्लस टू उच्च विद्यालय पेटरवार के परिसर मे लगता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर साप्ताहिक बाजार इस शेड के अंदर लगता तो बेहतर होता, लेकिन ग्रामीणों की मांग पूरी नहीं हुई।

झाड़ियों से घिरा बाजार शेड।

राज्यपाल ने शिलान्यास और प्रधानमंत्री ने किया था शेड का उद्घाटन

बाजार शेड की आधारशिला 19 सितंबर 2009 को झारखंड सरकार के राज्यपाल के शंकरनारायणन ने रखी, मौके पर तत्कालीन केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्योग मंत्री सुबोध कांत सहाय, राज्यपाल के सलाहकार जी कृष्णन, तत्कालीन सांसद रविंद्र कुमार पांडेय, उपायुक्त सत्येंद्र सिंह एवं उप विकास आयुक्त एमएल शर्मा की उपस्थिति में चांदो में बाजार शेड की आधारशिला रखी गई थी। ग्रामीणों के मुताबिक इस समय बाजार शेड की उस समय आधारशिला रखी गई, जब झारखंड में राष्ट्रपति शासन लागू था। उस समय चांदो वासियों को उम्मीद जगी थी कि अब चांदो के साप्ताहिक बाजार की रौनक बढ़ेगी, इस ग्रामीण हाट में आवाजाही करने वालों को सहूलियत मिलेगी। बताया जाता है कि इस बाजार शेड का ऑनलाइन उद्घाटन तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने किया था। लेकिन आज तक यहां बाजार नलगवाने के लिए प्रखंड या जिला के जिम्मेवार पदाधिकारियों ने इसकी सुध ली।

क्या कहते हैं ग्रामीण

गांव के अशोक मुर्मू, बैजनाथ गोराई, राजेश कुमार, रामटहल नायक आदि का कहना है कि चांदो के साप्ताहिक बाजार में उच्च विद्यालय में लगता है। इसमें चांदो के अलावा गर्री, भुलनखेतको, सिल्लीसाड़म, रोहर, खुटा, बसरिया सहित दर्जनों गांव के लोग ग्रामीण हाट में खरीद बिक्री के लिए पहुंचते हैं। बाजार में लोगों की भीड़ काफी होती है, ऐसे में बाजार शेड पर अगर हटिया लगती तो, इस शेड की उपयोगिता होती और खर्च किए गए सरकारी राशि भी सार्थक होती।

सीओ को जांच का निर्देश देंगे

अगर चांदो के बाजार शेड को ठीक-ठाक कर साप्ताहिक बाजार लगाना संभव है, तो इसके लिए अंचलाधिकारी को जांच का निर्देश देंगे। उसके बाद उचित पहल की जाएगी। ग्रामीणों की इच्छा के अनुरूप हटिया में बाजार लगाने पर भ्ी गंभीरता से विचार करेंगे।

रवि रंजन मिश्रा, डीडीसी, बोकारो।

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