तेनुघाट कोर्ट में बिजली कटौती का असर
तेनुघाट | बिजली की समस्या का असर तेनुघाट व्यवहार न्यायालय में दिख रहा है। यहां बिजली नहीं रहने पर कंप्यूटर टाइपिस्टों का काम ठप हो गया है। इसका असर दूरदराज से आने वाले लोगों पर पड़ता है। इस बारे में अधिवक्ता संघ के सदस्यों का कहना है कि बेरमो अनुमंडल में तीन थर्मल पावर स्टेशन हैं। लेकिन अफसोस की बात है कि बेरमो अनुमंडल के निवासियों को बिजली की सुविधा नहीं मिल पा रही है। जिन गरीब लोगों की जमीन थर्मल पावर स्टेशन बनाने के लिए ली गई है। उन्हें सही रूप से मुआवजा भी सरकार की ओर से नहीं दिया गया है। कहा कि डीवीसी ने जितनी जमीन अधिग्रहित की है, उससे अधिक जमीन पर उसका दखल है। अधिक जमीन दखल करने के लिए कोई मुआवजा डीवीसी की ओर से रैयतों को नहीं दिया गया है। आज भी यहां के रैयत मुआवजा के लिए आंदोलनरत हैं। थर्मल पावर बनने के बाद यहां के रैयतों को डीवीसी केवल छाई और धुआं दे रही है। अगर डीवीसी प्रबंधन बिजली कटौती के रवैए में बदलाव नहीं करती है, तो यहां के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। अगर डीवीसी का कोई भी पैसा सरकार के पास बकाया है, तो डीवीसी उस पैसा को पाने के लिए न्यायालय का सहारा लेना होगा, ना कि बिजली कटौती कर लोक कल्याणकारी राज्य के लोगों को परेशान करने का काम चाहिए।