40 वर्ष की आयु के बाद हर साल कराएं आंखों की जांच : डाॅ. पिंकी
काला मोतिया नामक बीमारी साइलेंट किलर है, जिसका एकमात्र इलाज जागरूकता ही है। इस बीमारी से मरीज अंधा भी हो जाता है। इसलिए इसे साइलेंट किलर कहते हैं। यह कहना है नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.पिंकी पॉल का। वे सदर अस्पताल में काला मोतिया सप्ताह के अंतिम दिन मरीजों के मोतियाबिंद के ऑपरेशन के बाद जागरूकता कार्यक्रम में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि 40 वर्ष के बाद प्रत्येक वर्ष व्यक्ति को अपनी आंखाें की निश्चित रूप से जांच करानी चाहिए। चूंकि समय समय पर स्क्रीनिंग होने से मरीज को अगर इस बीमारी के होने के प्रारंभिक लक्षण दिखाई पड़ते हैं, तो उसे उसी समय इलाज कर बढ़ने से रोका जा सकता है। अगर इसमें मरीज लापरवाही बरतता है तो वह अंधापन का शिकार हो सकता है। सदर अस्पताल में इस बीमारी के 11 संदिग्ध मरीज पाए गए हैं। जिनमें से तीन संदिग्ध मरीजों की जांच शनिवार को की गई। यहां डाक्टर ने बताया कि इससे बचाव बेहद जरूरी है। मनुष्य के शरीर में डायबिटीज और रक्तचाप बढ़ने के कारण आंख की नस डैमेज हो जाने, आंख में चोट लगने पर मरीज के लापरवाही बरतने, मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराने के बाद से दाेबारा स्क्रीनिंग नहीं कराने, किसी व्यक्ति को जन्मजात काला मोतिया होने पर उसके परिवार के अन्य लोगों के अपनी आंखाें की जांच नहीं कराने, डॉक्टर के बगैर परामर्श के ही अपने मन से कम और अधिक पावर के चश्मे का इस्तेमाल करने से धीरे धीरे आंख की रोशनी प्रभावित होने, मोतियाबिंद के मरीज के रेटिना के अगल बगल के रोशनी के प्रभावित होते होते अंत में दिखाई देना बंद हो जाना काला मोतिया के प्रमुख लक्षण हैं।
25 लोगों की अांखाें की हुई जांच
बोकारो | 26 मार्च तक चलने वाले विश्व काला मोतिया पखवाड़ा के मौके पर लायंस नेत्रालय चास में शिविर लगाकर 25 लोगों की आंखों की जांच की गई। जांच के क्रम में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.श्रीनाथ ने मोतियाबिंद से ग्रसित लोगों को काला मोतिया के दुष्प्रभाव के बारे में विस्तार पूर्वक जानकारी दी। साथ ही आंख के रोग से पीड़ित मरीजों का इलाज कर मुफ्त दवाएं भी दी।
कन्या भ्रूण हत्या पर राेक लगाने के लिए निकाला कैंडल मार्च
बोकारो | 26 मार्च तक चलने वाले कन्या भ्रूण बचाअाे पखवाड़ा के मद्देनजर शनिवार को सिविल सर्जन कार्यालय से स्वास्थ्य कर्मियों ने कैंडल मार्च निकाला। इस कैंडल मार्च को जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ.एनपी सिंह ने रवाना करने के पूर्व संबोधित करते हुए कहा कि बोकारो जिले में कन्या भ्रूण का अनुपात काफी कम है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसे नारे तो लगाए जाते हैं। पर इस नारे के प्रति लोगों को गंभीर भी होना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसे जघन्य अपराध को पूर्ण रूप से रोकना ही होगा।
कैंडल मार्च में शामिल स्वास्थ्यकर्मी।