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सदर अस्पताल में एचआईवी के मरीजों की जांच होगी शुरू

एक वर्ष पहले
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सदर अस्पताल में एड्स के संदिग्ध मरीजों की जांच 10 दिन बाद शुरू हो जाएगी। इसके लिए एआरटी (एंटी रेट्रो वायरल थेरेपी) सेंटर आने वाले 10 दिनों में चालू कर दिया जाएगा। इस एआरटी सेंटर का निर्माण सदर अस्पताल की दूसरी मंजिल पर डायलिसिस सेंटर के बगल में ही किया जा रहा है। इस सेंटर को चालू करने के लिए सवा लाख रुपए की लागत से फ्रेमिंग का काम पूरा कर लिया गया है। दो से तीन दिनों में ही शीशे का काम भी पूरा कर लिया जाएगा। इस सेंटर के लिए एक डॉक्टर और छह कर्मचारियों की बहाली हो चुकी है। जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. एनपी सिंह के अनुसार एक सप्ताह में स्थान का चयन करने के बाद एआरटी सेंटर के निर्माण का काम शुरू करा दिया गया है। इस सेंटर के बनने से यहां के गरीब तबके के मरीजों को काफी सहूलियत होगी। इस एआरटी सेंटर के खुलने से अब यहां के एचअाईवी के मरीजों को जांच के लिए बाहर जाना पड़ता था।

सदर अस्पताल में निर्मित एआरटी सेंटर के चैंबर।

अत्याधुनिक उपकरण राज्य से मंगाएंगे : डाॅ. पाठक

यहां पर एआरटी सेंटर के खुलने से मरीजों को काफी सहूलियतें होंगी। पैसे खर्च कर दूसरे जिले में इलाज और दवा के लिए नहीं जाना पड़ेगा। सिविल सर्जन डॉ. अशोक पाठक ने कहा कि अब एचआईवी के संदिग्ध मरीजों की जांच और दवा की सुविधा यहीं एएआरटी सेंटर में ही उपलब्ध हो सकेगी। यहां जांच के लिए अत्याधुनिक उपकरण भी मंगाए जाएंगे।

यह हो रही थी परेशानी

वर्तमान में एड्स के संदिग्ध मरीजों को भी अपने इलाज और दवाओं के लिए दूसरे जिलों में जाना पड़ता है। इससे गरीब तबके के मरीजों को आने- जाने में शारीरिक और मानसिक परेशानियों के अलावा अधिक रुपए भी खर्च करने पड़ रहे हैं। ऊपर से अगर जांच में मामला गंभीर निकला तो वैसे गरीब मरीजों को वहां आने-जाने से लेकर वहां रहने, खाने-पीने में भी अधिक खर्च हो जा रहे हैं।
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