पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

सरकारी जमीन की गलत तरीके से हुई जमाबंदी रद्द की जाएगी

एक वर्ष पहले
  • कॉपी लिंक

सरकारी जमीन की गलत तरीके जमाबंदी कराकर उस पर कब्जा करने वालों पर जिला प्रशासन सख्त हाे गया है। ऐसे लोगों को जिला प्रशासन ने नोटिस भेजी है। ताकि वे अपना भूमि बंदोबस्ती से संबंधित हुकुमनामा, भूतपूर्व जमींदार से निर्गत राजस्व रसीद, निर्गत परवाना एवं अन्य ठोस साक्ष्य जमा कर सकें। चास अंचलाधिकारी दिवाकर द्विवेदी ने अपने अंचल के 5918 ऐसे लोगों को नोटिस दी है। इसमें चास शहरी, कालापाथर, बाधाडीह, भवानीपुर, डुमरजोर, जामगोड़िया आदि स्थानाें की करीब 11 हजार एकड़ जमीन को चिह्नित किया गया है। ऐसे लोगों को 24 मार्च को साक्ष्य के साथ अंचल कार्यालय में अाने को कहा गया है। जमीन के कागजात अाने के बाद गलत जमाबंदी मिलने पर उसे रद्द करने की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक भू-माफियाओं ने जिले की 96150.48 एकड़ सरकारी जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। भू-माफियाओं ने जमीन की जमाबंदी भी करा ली है। पूरे जिले में ऐसे 50,622 मामले हैं। अब ऐसी जमीन की जमाबंदी रद्द करने की प्रक्रिया शुरू हुई है। भू-माफियाओं ने यहां के नदी, नाले, तालाब आदि का भी अतिक्रमण कर लिया है। सरकार के निर्देश पर जिला प्रशासन ने ऐसे अतिक्रमणकारियों को चिह्नित किया है। जमाबंदी रद्द करने के बाद जिला प्रशासन बिहार, झारखंड लोक भूमि अतिक्रमण अधिनियम 1956 के तहत अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करेगा।

566 खाता की जमीन पर पहले बने हुए थे बड़े-बड़े तालाब

चास शहर में 566 खाता की अधिक जमीन है। इसमें से कई प्लॉट रैयती हैं। पहले इस खाता में बड़े-बड़े तालाब हुआ करते थे। चास के बाईपास से लेकर चीरा चास तक कई इलाकाें की जमीन 566 खाता के अंदर आती है। धीरे-धीरे गैर आबाद जमीन पर कब्जा कर लिया। साथ ही अधिकारियों से मिलकर रजिस्टर दो में नाम भी दर्ज करा लिए। आॅनलाइन होने के बाद इस खाते की जमीन की रसीद नहीं कट रही है।

नोटिस मिलने के बाद लोगों में है हड़कंप

अंचलाधिकारी की ओर से जारी नोटिस मिलने के बाद ऐसे लोगों में हड़कंप है। इसके लिए लोग कानूनी सलाह लेने के लिए जगह-जगह जा रहे हैं। वहीं लोग अपना-अपना तर्क भी दे रहे हैं। लोगों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि कागजात देखने के बाद ऐसी जमीन की रसीद कट सके। लोग इसके लिए अभी से अंचल कार्यालय का चक्कर लगाने लगे हैं। मगर जिला प्रशासन की कोशिश है कि हर कागजात की बारीकी से जांच हो।
खबरें और भी हैं...