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सीएम कन्यादान योजना में बिना निबंधन कराए ही वर-वधु को मिल रहा है लाभ / सीएम कन्यादान योजना में बिना निबंधन कराए ही वर-वधु को मिल रहा है लाभ

Bokaro News - मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत लाभुकों को बिना निबंधन कराए ही योजना का लाभ दिया जा रहा है। जबकि नियम है कि वर...

Bhaskar News Network

Aug 02, 2018, 02:10 AM IST
सीएम कन्यादान योजना में बिना निबंधन कराए ही वर-वधु को मिल रहा है लाभ
मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत लाभुकों को बिना निबंधन कराए ही योजना का लाभ दिया जा रहा है। जबकि नियम है कि वर वधु को विवाह का रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही इस योजना का लाभ देना है। अभी समाज कल्याण विभाग शपथ पत्र लेकर ही वर वधु को इसका लाभ दे रहा है।

वहीं बहुद्देशीय योजना मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना सरकारी नियमों के आगे विवश है। नियमों के कारण आम आदमी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। अधिकारियों की इच्छाशक्ति की कमी के कारण इस योजना को अधिकतर लोग जानते भी नहीं हैं। अधिकारी सरकारी कार्यालयों के परिसर में बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्य को समाप्त समझ ले रहे हैं। इस वर्ष जिले को 860 जोड़ों को लाभ देना है।

बेटियों के बारे में नकारात्मक सोच खत्म करने के लिए लागू हुई थी योजना

बेटियों के बारे में समाज में नकारात्मक सोच, लड़कों के मुकाबले उनकी कम होती संख्या, बालिका शिक्षा की कमजोर स्थिति, बेटियों का जल्द विवाह कर देने की प्रवृत्ति जैसी समस्याओं के निराकरण के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना की शुरूआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुत्री के जन्म से समाज में फैली हीनभावना काे समाप्त करना, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना, बच्चियों की शिक्षा के स्तर में सुधार तथा बालिका शिक्षा में ड्राप आउट दर घटाना, बालिकाओं के विवाह में आनेवाली आर्थिक परेशानियों को दूर करना, संस्थागत प्रजनन को प्रोत्साहन देना, बाल-विवाह प्रथा का अंत करना है।

अनदेखी

नियम है कि वर वधु को करा लेना है शादी का रजिस्ट्रेशन

इन लोगों को मिलना है योजना का लाभ

प्रदेश के प्रत्येक बीपीएल परिवार के साथ-साथ वैसे परिवार जिनकी वार्षिक आय 72 हजार रुपए मात्र है। इसके अलावा परिवार नियोजन करने, 15 नवंबर 2010 को अथवा उसके बाद जन्मी बालिका को इसका लाभ मिलेगा। संस्थागत प्रसव से उत्पन्न प्रथम प्रसव की पुत्री अथवा द्वितीय प्रसव की पुत्री अथवा दोनों प्रसवों से उत्पन्न पुत्री के नाम से जन्म के वर्ष से लेकर लगातार पांच वर्ष तक प्रतिवर्ष 6000 की दर से यानि कुल पांच साल में तीस हजार रुपये डाक जमा योजना के माध्यम से राज्य सरकार जमा करेगी। इस योजना का लाभ सरकारी कर्मियों के लिए अनुमान्य नहीं है। इस योजना के तहत बालिका के नाम से एक निश्चित राशि से एमआईएस, आरडी, टीडी, एसबी खाता डाकघर में खोलने का प्रावधान है। बालिका को समय-समय पर भुगतान योजना के अधीन निर्धारित पात्रता के शर्तों को पूर्ण करने पर होगा।

सिटी रिपोर्टर | बोकारो

मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत लाभुकों को बिना निबंधन कराए ही योजना का लाभ दिया जा रहा है। जबकि नियम है कि वर वधु को विवाह का रजिस्ट्रेशन कराने के बाद ही इस योजना का लाभ देना है। अभी समाज कल्याण विभाग शपथ पत्र लेकर ही वर वधु को इसका लाभ दे रहा है।

वहीं बहुद्देशीय योजना मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना सरकारी नियमों के आगे विवश है। नियमों के कारण आम आदमी इसका लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। अधिकारियों की इच्छाशक्ति की कमी के कारण इस योजना को अधिकतर लोग जानते भी नहीं हैं। अधिकारी सरकारी कार्यालयों के परिसर में बोर्ड लगाकर अपने कर्तव्य को समाप्त समझ ले रहे हैं। इस वर्ष जिले को 860 जोड़ों को लाभ देना है।

बेटियों के बारे में नकारात्मक सोच खत्म करने के लिए लागू हुई थी योजना

बेटियों के बारे में समाज में नकारात्मक सोच, लड़कों के मुकाबले उनकी कम होती संख्या, बालिका शिक्षा की कमजोर स्थिति, बेटियों का जल्द विवाह कर देने की प्रवृत्ति जैसी समस्याओं के निराकरण के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना की शुरूआत की। इस योजना का मुख्य उद्देश्य पुत्री के जन्म से समाज में फैली हीनभावना काे समाप्त करना, कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाना, बच्चियों की शिक्षा के स्तर में सुधार तथा बालिका शिक्षा में ड्राप आउट दर घटाना, बालिकाओं के विवाह में आनेवाली आर्थिक परेशानियों को दूर करना, संस्थागत प्रजनन को प्रोत्साहन देना, बाल-विवाह प्रथा का अंत करना है।

कक्षा छह में प्रवेश करने पर मिलेगा दो हजार

इस योजना के तहत बालिका के कक्षा छह में प्रवेश करने पर दो हजार रुपये एक मुश्त भुगतान करने का प्रावधान है। वहीं कक्षा नौ में प्रवेश करने पर बालिका को एकमुश्त चार हजार रुपये मिलेंगे। बालिका के कक्षा 11वीं में प्रवेश पर 7500 रुपए मिलेंगे। 11वीं तथा 12वीं के अतिरिक्त किसी भी अन्य योजनाओं से प्राप्त सुविधाओं के अलावा प्रतिमाह 200 रुपये का स्कॉलरशिप का भुगतान बालिका को इस मद से किए जाने का प्रावधान है। वहीं बालिका की आयु 21 वर्ष होने तथा 12वीं परीक्षा में सम्मिलित हो जाने पर 1,08,600(एक लाख आठ हजार छह सौ) का एक मुश्त भुगतान बालिका को करने का नियम है। परन्तु इसके लिए यह शर्त भी रखी गई है कि बालिका की शादी 18 वर्ष की आयु प्राप्त करने के बाद ही होनी चाहिए।

ऐसे करें आवेदन

मुख्यमंत्री लक्ष्मी लाडली योजना के लाभ के लिए अभ्यर्थी अपने निकटतम आंगनबाड़ी केन्द्र में आवेदन दें। जन्म प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, बीपीएल सूची में शामिल होने संबंधित प्रमाण पत्र आवेदन के साथ संलग्न करना जरूरी है। अनाथ बालिका के मामले में अनाथालय, संरक्षणालय के अधीक्षक की ओर से एक वर्ष के अंदर आवेदन देना है।

क्या कहती हैं अधिकारी


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