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बोदरोटांड़ में बिजली व राशन नहीं सिर्फ आश्वासन

चास प्रखंड के कनारी पंचायत के बोदरोटांड़ गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंची है। खपरैल के घरों में रह रहे लगभग 20...

Dainik Bhaskar

May 18, 2018, 02:55 AM IST
बोदरोटांड़ में बिजली व राशन नहीं सिर्फ आश्वासन
चास प्रखंड के कनारी पंचायत के बोदरोटांड़ गांव में आज तक बिजली नहीं पहुंची है। खपरैल के घरों में रह रहे लगभग 20 परिवार को बिजली, पानी, शौचालय, पेंशन, राशन जैसी सुविधा आज तक नहीं मिली है। बगल के गांव मेें सरकारी योजनाओं का लाभ मिलता है। गांव वाले पंचायत भवन जाकर मुखिया रजनी देवी से अपनी समस्या कई बार बताए, लेकिन समस्या जस की तस है। ग्रामीण डिजन सिंह, कृष्णा सिंह, लालबाबू सिंह, वासुदेव नायक, संतोष सिंह, सावित्री देवी, पार्वती देवी, गुड़िया देवी, मीना देवी आदि ने बताया कि लालटेन जलाने के लिए 70 रूपए लीटर किरासन तेल खरीदना पड़ता है। आंगनबाड़ी, स्कूल यहां से 4 किमी दूर है। नतीजतन छोटे बच्चे घर में खेलते रहते हैं। विगत 5 अप्रैल को उपायुक्त मृत्युंजय कुमार वर्णवाल ने समीप के गांव में गड्ढा खोदो अभियान चलाया तब भी इस गांव में एक भी शौचालय नहीं बना। यहां की खोज-खबर लेने वाला कोई नहीं हैं। बिजली व शौचालय नहीं होने के कारण मेहमान भी रात में नहीं रूकना चाहते हैं। वर्षों पुराने इस गांव के समीप ही बीएसएल का एसजीपी गेट तथा तेनु-बोकारो नहर है। गांव के पश्चिम से तुपकाडीह-तालगड़िया रेलवे लाइन गुजरी है तथा पूरब में स्लैग डंप और गांव के मध्य से चंद्रपुरा जाने की सड़क है। विस्थापित नेता, विभिन्न पार्टी के नेताओं का रोज कोई न कोई कार्यक्रम होता है। मगर गांव की किस्मत अब तक नहीं बदली है। यहां धनबाद के एमपी पशुपतीनाथ सिंह, बोकारो विधायक विरंची नारायण भी कभी-कभार आते हैं, काम हो जाएगा का आश्वासन सुनते-सुनते ग्रामीणें के कान पक गए हैं। उत्तर विस्थापित क्षेत्र के लोग इस गांव के 2 बरगद पेड के नीचे बैठ कर अपनी किस्मत बनाने की चर्चा तो करते हैं।

अनदेखी

कई तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं यहां के ग्रामीण मगर जनप्रतिनिधियों ने आज तक नहीं दिया है ध्यान

जानकारी देते ग्रामीण।

बोदरोटांड़ गांव।

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