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पावरग्रिड का काम करने को अफसर हुए रेस, मगर नहीं दूर हाे रहीं हैं दिक्कतें

एक वर्ष पहले
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डीवीसी से जब बिजली कटाैती हाेने लगी ताे विभागीय अधिकारियों को जैना, बरमसिया पावरग्रिड की याद आई है। इसके बाद दोनों पावरग्रिड का काम पूरा कराने के लिए संबंधित विभाग के जिम्मेवार पदाधिकारी रेस हो गए हैं। इधर, ट्रांसमिशन लाइन धनबाद मंडल के अधीक्षण अभियंता आरके रवि ने बताया कि वनविभाग ने लाइन खींचने में ही रोड़ा लगा दिया था, जिसे बोकारो उपायुक्त की पहल के बाद वन विभाग से क्लीयरेंस मिला है। इसके बाद से यहां के जिला वन पदाधिकारी ने निरीक्षण भी कर लिया है, पर अभी तक इसकी रिपोर्ट राज्य और केंद्र सरकार के पास नहीं भेजा जा सका है। जबकि बरमसिया में ग्रिड का काम तो हो चुका है, परंतु बंगाल में रैयतों के लाइन खींचने में अभी भी रोड़ा लगा है। अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जितनी देर राज्य और केंद्र से लाइन की स्वीकृति मिलने में लगेगी, उतनी ही देर पावरग्रिड को चालू करने में हाेगी।

उन्होंने बताया कि वन अधिनियम 1980 के तहत जैना और बरमसिया में लाइन खींचने के लिए अब नए सिरे से संबंधित विभाग को ऑनलाइन आवेदन देना होगा। ऑनलाइन आवेदन के बाद ही लाइन खींचने की स्वीकृति मिलेगी। उन्होंने बताया कि हाल ही जैना में निरीक्षण वह कर चुके हैं। उसके आगे की स्थिति की कुछ जानकारी वह फाइल देखकर ही दे सकते हैं।

संबंधित आला अधिकारी से होगी बात, दिक्कतें होंगी दूर

ऑनलाइन अप्लाई की बात है ताे शीघ्र ट्रांसमिशन के अधीक्षण अभियंता को इससे अवगत कराएंगे। जिन-जिन इलाकों में काम में दिक्कतें अा रही हैं, वहां के संबंधित आला अधिकारियों से बात की जाएगी। पहले तो ऑनलाइन अप्लाई के लिए कहा ही नहीं गया था। अब जब ऐसा कहा जा रहा है तो एसई को अवगत कराकर वहां के संबंधित वरीय अधिकारियों से बातचीत के बाद दिक्कताें काे दूर कराने का प्रयास किया जाएगा।

परितोष कुमार, महाप्रबंधक, धनबाद मंडल।

दो दिन में सामान्य होगी विद्युतापूर्ति : जीएम

डीवीसी से मंगलवार से ही 18-18 घंटे की जा रही बिजली कटौती पर महाप्रबंधक परिताेष कुमार ने कहा कि बोर्ड स्तर से बिजली के बकाए के भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। दो दिनों के भीतर ही बिजली आपूर्ति सामान्य हो जाएगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में प्रत्येक छह घंटे पर दो-दो घंटे बिजली आपूर्ति की जा रही है। इसे शीघ्र ही सामान्य कर लिया जाएगा। विदित हो कि गुरुवार को तीसरे दिन भी बोकारो सहित अन्य जिले में बिजली संकट बरकरार है। इससे एक तरफ परीक्षा के इस समय में विद्यार्थियों की पढ़ाई-लिखाई पर असर पड़ रहा है, वहीं दूसरी तरफ औद्योगिक कल-कारखानों में उत्पादन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इधर, चास में टाइलाइन से रोटेशन कर चास के अन्य इलाकों में बारी-बारी से बिजली की आपूर्ति की जा रही है।
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