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नव वर्ष के आगमन और शुभ कार्य आरंभ करने का उत्तम अवसर है सरहुल : बबीता
पेटरवार प्रखंड की मायापुर पंचायत में सरहुल महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। विधि-विधान के साथ पाहन जाहेर नायके नागेश्वर मुर्मू और हड़ाम रामचंद्र मुर्मू ने पूजा-अर्चना कराई। मौके पर बतौर मुख्य अतिथि गोमिया विधानसभा के पूर्व विधायक बबीता देवी ने कहा कि सरहुल आदिवासियों का मुख्य पर्व है। इसके बाद नए वर्ष का आगाज हो जाता है और नए एवं शुभ कार्यों प्रारंभ किया जाता है। इसमें वृक्षों में लगे फूलों की पूजा-अर्चना की जाती है। यहां पूर्व विधायक सहित अन्य अतिथि मांदर ढोल की थाप पर खूब थिरके। मौके पर पूर्व जिप उपाध्यक्ष बोकारो राधानाथ सोरेन, जिप सदस्य गुलाबी देवी, डॉ. रतन पंवरिया, मुखिया सुधमुनि देवी, मुखिया प्रतिनिधि विजय बास्के, नंदकिशोर पंवरिया, हराधन मांझी ने भी अपने विचार रखे। मंच संचालन योगेंद्र प्रसाद किस्कू ने किया।
खेतको | पेटवार प्रखंड अंतर्गत चांपी पंचायत के अम्बा टोला में सरहुल पर्व मनाया गया। यहां सखुआ फूल से मरांग बुरु की पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम का उद्घाटन नायके हाड़म सूरजनाथ मुर्मू व मांझी हाड़म आनंद कुमार मुर्मू ने संथाली रीति-रिवाज से किया। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज प्रकृति के साथ जुड़ा हुआ है।
सरहुल झारखंड की गौरवशाली प्राकृतिक धरोहर : मुखिया
तुपकाडीह | पेटरवार प्रखंड की पिछरी एवं जरीडीह प्रखंड के खुटरी में सरहुल पूजा हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। पिछरी मेन रोड स्थित जेहरा थान में नाया मांझी सुरेश मुर्मू, सहयोगी भदरु मांझी एवं रूपलाल मुर्मू हाड़ाम की अगुवाई में संथाल समाज के श्रद्धालुओं ने अपने इष्टदेव मारांग बुरू जाहेर आयो की पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। मौके पर घुनू हांसदा, मंगल हांसदा, डोमन मिश्रा, फागु मांझी, मनोज मांझी, कालीचरण मांझी, विजय मरांडी आदि मौजूद रहे। वहीं, खुटरी पंचायत जेहरा थान में बतौर मुख्य अतिथि मुखिया लीलावती देवी ने कहा कि सरहुल केवल एक पर्व ही नहीं, बल्कि झारखंड की गौरवशाली प्राकृतिक धरोहर है। यह मानव सभ्यता, संस्कृति एवं पर्यावरण का रीढ़ भी है। इसकी परंपराएं बहुत भिन्न हैं।
कार्यक्रम में मंचासीन पूर्व विधायक व अन्य अतिथिगण।
मांदर की थाप पर झूमतीं आदिवासी महिलाएं।