- Hindi News
- National
- Bokaro News The District Administration Started Installing The Board By Marking The Government Land
जिला प्रशासन ने सरकारी जमीन को चिह्नित कर शुरू किया बोर्ड लगवाना
भू-माफियाओं से सरकारी जमीन को बचाने के लिए जिला प्रशासन सरकारी जमीन को चिह्नित कर बोर्ड लगा रहा है। बोर्ड में लिखा जा रहा है कि यह जमीन सरकारी है। इसकी खरीद-बिक्री कोई करता है तो उस व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने इसकी जिम्मेवारी सभी अंचलाधिकारियों को दी है। वहीं अंचलाधिकारियाें ने सभी तहसील कर्मचारियों को आदेश दिया है कि वे अपनी-अपनी तहसील में सरकारी जमीन को चिह्नित कर उसके आगे बोर्ड लगाएं। ताकि लोगों को यह जानकारी मिल सके कि कहां-कहां सरकारी जमीन और उसकी खरीद-बिक्री से बच सकें। इससे भू-माफियाओं में हड़कंप है। इसके बाद अंचल कार्यालय परिसर सहित सभी राजस्व गांवों में सरकारी भूमि पर बोर्ड लगाने की प्रक्रिया शुरु कर दी गई है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकारी भूमि को भू-माफियाअाें से बचाना है। बोर्ड लगे भूमि की क्रय-विक्रय बिल्कुल नहीं की जाएगी। इसके साथ ही बोर्ड लग जाने से भू-माफिया ठगी कर गैर मजरुआ जमीन की क्रय-विक्रय नहीं कर सकेंगे। भू-माफिया जाली दस्तावेज बनाकर अंचल कर्मियों पर दवाब बनाकर अपने नाम से म्यूटेशन करवाना चाहते थे।
राज्यपाल को दान में दी गई जमीन पर बना दिया गैरेज
एक तरफ जहां सरकारी जमीन को बचाने के लिए जिला प्रशासन जगह-जगह बोर्ड लगा रहा है। वहीं चास अंचल के कांड्रा मौजा स्थित 15 डिसमिल जमीन राज्यपाल के नाम पर दान की गई है। जिस पर गैरेज चल रहा है। इससे लाेगों को काफी परेशानी हो रही है। कांड्रा मौजा के खाता संख्या 45, प्लाट संख्या 4697, 4738,4740 के अंतर्गत विमल चंद्र मोदक, शरण महतो, रमेश महतो ने केवाला संख्या 254 काे 11 अप्रैल 2008 को 15 डिसमिल भूमि राज्यपाल को रास्ता के लिए दान दिया है। अभी दान की गई इस जमीन पर गैरेज चल रहा है। जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। जबकि राज्यपाल को जमीन दान करने के बाद वह जमीन आम जनता के लिए होती है।
अंचलाधिकारी की कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप
बरमसिया | चंदनकियारी में अंचल के सारे राजस्व गांवों में सरकारी भूमि पर कब्जा कर बैठे भू-माफियाओं के खिलाफ नकेल कसने एवं भूमि बैंक बनाने के उद्देश्य से बड़े-बड़े सूचना पट्ट लगाए जा रहे हैं। ताकि लोग यह समझ सके कि यह सरकारी जमीन है। इसकी खरीद बिक्री नहीं की जा सकती है। सीओ चंदनकियारी की इस कार्रवाई से भू-माफियाओं में हड़कंप है। चंदनकियारी अंचल के दस मौजा में सैकड़ों एकड़ जमीन पर प्रशासन की अनदेखी के कारण भू-माफियाअाें ने कब्जा कर लिया है। मुख्य सचिव के आदेश जारी करने के साथ प्रशासन रेस हो गया है।
सरकारी जमीन पर बोर्ड लगा रहा कर्मचारी।